Navratri 2025 : नवरात्रि केवल भक्ति और उपवास का पर्व ही नहीं है, बल्कि यह आध्यात्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से भी अत्यंत प्रभावशाली समय माना जाता है। नौ दिनों तक देवी दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है और प्रत्येक दिन का संबंध किसी न किसी ग्रह से जुड़ा होता है। माना जाता है कि अगर इन दिनों विशेष उपाय किए जाएं तो ग्रहों की नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और जीवन में सौभाग्य, शांति और प्रगति का मार्ग खुलता है। आइए जानें नवरात्रि के नौ दिनों के ज्योतिषीय उपाय
पहला दिन – शैलपुत्री और चंद्रमा
इस दिन सफेद रंग का महत्व है। देवी को कच्चा दूध, सफेद फूल या खीर अर्पित करें और ज़रूरतमंदों को सफेद वस्त्र या भोजन दान दें। इससे मानसिक संतुलन और भावनात्मक स्थिरता मिलती है।
दूसरा दिन – ब्रह्मचारिणी और मंगल
लाल वस्त्र पहनें, लाल दीया जलाएं और उपवास रखें। यह उपाय क्रोध पर नियंत्रण, स्वास्थ्य सुधार और आत्म अनुशासन लाने में मदद करता है।
तीसरा दिन – चंद्रघंटा और शुक्र
गृहस्थ सुख और रिश्तों की मधुरता के लिए घर की सफाई करें और गुलाब या चंदन की सुगंध अर्पित करें। गुलाबी या हल्के नीले कपड़े पहनना भी लाभकारी है।
चौथा दिन – कुष्मांडा और सूर्य
सूर्योदय के समय घी का दीपक जलाएं और नारंगी या सुनहरे रंग की मिठाइयां चढ़ाएं। इससे नेतृत्व क्षमता और आत्मविश्वास बढ़ता है।
पांचवां दिन – स्कंदमाता और बुध
तुलसी को जल अर्पित करें, बुध मंत्र का जाप करें और हरे फल या धनिया चढ़ाएं। यह बुद्धि और वाणी में स्पष्टता लाने के लिए श्रेष्ठ माना जाता है।
छठा दिन – कात्यायनी और बृहस्पति
पीले वस्त्र धारण करें और पीले खाद्य पदार्थ दान करें। विवाह, शिक्षा और आध्यात्मिक प्रगति में आ रही रुकावटें दूर करने के लिए गुरु मंत्र का जाप करना लाभकारी है।
सातवां दिन – कालरात्रि और शनि
काले तिल, तेल और वस्त्र अर्पित करें। मौन साधना और संयम रखने से शनि की कठोरता कम होती है और स्थिरता आती है।
आठवां दिन – महागौरी और राहु
देवी को नारियल अर्पित करें और बाद में मंदिर में दान दें। राहु मंत्र का जाप और हल्के रंग के वस्त्र धारण करने से मानसिक भ्रम और बाधाएँ दूर होती हैं।
नौवां दिन – सिद्धिदात्री और केतु
कपूर जलाकर ध्यान करें और सफेद मिठाई अर्पित करें। इच्छाओं को ईश्वर को समर्पित करने से केतु की बाधाएँ कम होती हैं और आध्यात्मिक जागरूकता बढ़ती है।
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इस तरह नवरात्रि (Navratri 2025 ) का हर दिन न सिर्फ आध्यात्मिक साधना का अवसर है, बल्कि ग्रहों की शक्तियों को संतुलित कर जीवन में सौभाग्य और शांति लाने का मार्ग भी प्रदान करता है।

