Hanuman Jayanti 2026: आज देशभर में हनुमान जयंती का पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। मान्यता है कि चैत्र पूर्णिमा के दिन हनुमान, जो भगवान शिव के 11वें रुद्रावतार हैं, का जन्म हुआ था। इस दिन भक्त हनुमान जी की पूजा कर शक्ति, साहस और संकटों से मुक्ति की कामना करते हैं। अक्सर लोग सुबह के समय पूजा-अर्चना करते हैं, लेकिन अगर किसी कारण से आप सुबह पूजा नहीं कर पाए हैं, तो चिंता करने की जरूरत नहीं है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, शाम का समय भी हनुमान जी की उपासना के लिए अत्यंत शुभ और फलदायी माना गया है।
आज के शुभ मुहूर्त
इस वर्ष हनुमान जयंती पर दो विशेष पूजा मुहूर्त बताए गए हैं-
सुबह: 6:10 बजे से 7:44 बजे तक
शाम: 6:39 बजे से रात 8:06 बजे तक
यदि सुबह का समय निकल गया है, तो शाम का यह मुहूर्त भी उतना ही प्रभावशाली माना जाता है। इस समय की गई पूजा से विशेष फल की प्राप्ति होती है।
क्यों खास है शाम की पूजा?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शाम के समय की गई पूजा ग्रह दोषों को शांत करने में सहायक होती है और घर में सुख-समृद्धि लाती है। खासकर वे लोग जो व्यस्त दिनचर्या के कारण सुबह पूजा नहीं कर पाते, उनके लिए यह समय अत्यंत लाभकारी माना गया है।
ऐसे करें शाम की पूजा
शाम की पूजा से पहले स्नान करें या हाथ-पैर धोकर स्वच्छ वस्त्र पहनें, विशेष रूप से लाल या पीले रंग के। इसके बाद हनुमान जी की प्रतिमा या तस्वीर के सामने दीपक जलाएं चमेली के तेल का दीपक श्रेष्ठ माना जाता है, लेकिन घी का दीपक भी उपयोग किया जा सकता है। हनुमान जी को सिंदूर अर्पित करें, संभव हो तो चोला चढ़ाएं। भोग में बूंदी या बेसन के लड्डू, गुड़-चना अर्पित करें। पूजा के दौरान श्रद्धा से हनुमान चालीसा का पाठ करें 7 बार पाठ करना विशेष फलदायी माना गया है। साथ ही “ॐ हनुमते नमः” मंत्र का जाप भी करें।
आस्था और विश्वास का पर्व
हनुमान जयंती केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि आस्था, विश्वास और ऊर्जा का प्रतीक है। सच्चे मन से की गई पूजा हर बाधा को दूर करने और जीवन में सकारात्मकता लाने की शक्ति रखती है।
डिस्क्लेमर: यह जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य परंपराओं पर आधारित है। अलग-अलग क्षेत्रों में पूजा विधि और मान्यताएं भिन्न हो सकती हैं।

