Mauni Amavasya Daan: मौनी अमावस्या पर करें इन चीजों का दान, मिलेगा देवी-देवताओं और पितरों का आशीर्वादहिंदू पंचांग के अनुसार मौनी अमावस्या का विशेष पर्व 18 जनवरी 2026 को श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया जाएगा। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान,मौन व्रत, पूजा-पाठ, पितृ तर्पण और दान का विशेष महत्व बताया गया है। मान्यता है कि माघ मास की अमावस्या पर किए गए दान-पुण्य से कई गुना शुभ फल प्राप्त होते हैं। ऐसे में आइए जानते हैं कि मौनी अमावस्या के अवसर पर किन वस्तुओं का दान करना अत्यंत फलदायी माना जाता है।
अन्न दान
हिंदू धर्म में अन्नदान को सर्वोच्च दान कहा गया है। मौनी अमावस्या के दिन जरूरतमंदों को भोजन या अनाज दान करने से पितरों की कृपा प्राप्त होती है और जीवन में सुख-समृद्धि का वास होता है।
जल दान
इस पावन तिथि पर जल का दान भी विशेष फलदायी माना गया है। जल दान करने से मन को शांति मिलती है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
वस्त्र दान
मौनी अमावस्या पर गरीब और असहाय लोगों को वस्त्र दान करना शुभ माना जाता है। खासकर ठंड के मौसम में कंबल, चादर या गर्म कपड़े दान करने से पितृ भी प्रसन्न होते हैं।
तांबे के पात्र का दान
इस दिन तांबे से बने पात्रों का दान करने की भी परंपरा है। मान्यता है कि इससे ग्रह दोष कम होते हैं और करियर व पारिवारिक जीवन में सकारात्मक परिणाम मिलते हैं।
पुस्तक दान
माघ अमावस्या पर पुस्तकों का दान करने से विद्या की देवी सरस्वती प्रसन्न होती हैं। इससे व्यक्ति के जीवन में ज्ञान, विवेक और समझ बढ़ती है।
घी का दान
अमावस्या के दिन घी दान करने से पारिवारिक और सामाजिक रिश्तों में मधुरता आती है। सामर्थ्य अनुसार माघी अमावस्या पर घी दान करना शुभ माना गया है।
धन दान
आर्थिक रूप से कमजोर लोगों की सहायता के लिए धन दान करना भी पुण्यकारी है। इससे न केवल मानसिक संतोष मिलता है बल्कि माता लक्ष्मी की कृपा भी प्राप्त होती है।
गौ-दान
शास्त्रों में गौ-दान को अत्यंत पुण्यदायी बताया गया है। यदि संभव हो तो मौनी अमावस्या पर गाय का दान करने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है।
सेवा दान
इस दिन मंदिरों में साफ-सफाई, अनाथालय या वृद्धाश्रम में सेवा करना भी दान के समान माना गया है। सेवा भाव से किया गया कार्य विशेष पुण्य देता है।
दीपदान
मौनी अमावस्या पर मंदिर, नदी या जलाशय में दीपक जलाकर दीपदान किया जा सकता है। 3, 5, 7 या 11 दीपक जलाने से जीवन से नकारात्मकता दूर होती है और ज्ञान का प्रकाश बढ़ता है।

