Lalita Saptami 2025 : हिंदू धर्म में भाद्रपद मास का बहुत ज्यादा महत्व माना गया है क्योंकि इसमें श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, राधा अष्टमी और गणेश उत्सव जैसे कई तीज-त्योहार आते हैं। भाद्रपद मास के शुक्लपक्ष की सप्तमी तिथि को ललिता सप्तमी मनाए जाती है। यह दिन ललिता देवी के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है, जो राधा रानी और भगवान कृष्ण की सखी हैं।
कौन है ललिता सखी ?
ललिता सखी कृष्ण की व्रज लीला की आठ वरिष्ठ (प्रमुख) गोपियों, अष्टसखियों में से एक हैं। सखियाँ श्रीमती राधारानी की सखियाँ होती हैं। उन्हें सभी सखियों की अधिष्ठात्री और नियन्ता भी माना जाता है। ललिता देवी का जन्म करहला गाँव में हुआ था, और बाद में उनके पिता उन्हें ऊँचागाँव ले आए, जो उनकी लीला स्थली के रूप में प्रसिद्ध है।
ललिता देवी सभी सखियों को शिक्षा और निर्देशन देती हैं तथा प्रेम के विषय में मिलन और वियोग की युक्तियों में निपुण हैं।
कब है ललिता सप्तमी 2025?
हर साल ललिता सप्तमी, राधाष्टमी से एक दिन पहले, भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को मनाई जाती है। वर्ष ललिता सप्तमी का पर्व 30 अगस्त 2025, शनिवार को मनाया जाएगा।
ललिता सप्तमी पूजन विधि
प्रातःकाल स्नान करके भगवान गणेश, राधा रानी और श्रीकृष्ण का ध्यान करें। इस दिन देवी ललिता, राधा-कृष्ण या शालिग्राम की विधि-विधान से पूजा करें। इसके बाद घी का दीपक जलाकर चावल, नारियल, हल्दी, चंदन, फूल, गुलाल, दूध आदि अर्पित करें। फिर मिठाई का भोग लगाएं। इस दिन विशेष रूप से मालपुए का भोग लगाना बेहद शुभ माना गया है। अंत में जल का अर्घ्य दें और दाहिने हाथ में मौली या लाल धागा बांधें।
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