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Kharmas 2026: खरमास में क्या करें और किन कामों से बचें? यहां जानें जरूरी नियम

Kharmas 2026: हिंदू धर्म में खरमास का विशेष महत्व माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब सूर्य देव गुरु ग्रह की राशि धनु या मीन में प्रवेश करते हैं, तब खरमास की शुरुआत होती है। इस अवधि में कुछ शुभ कार्यों को करने से परहेज किया जाता है, जबकि पूजा-पाठ और आध्यात्मिक साधना को विशेष फलदायी माना गया है। मार्च 2026 में भी खरमास का समय आने वाला है, ऐसे में लोग यह जानना चाहते हैं कि इसकी शुरुआत कब होगी और इस दौरान किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

कब शुरू होगा खरमास 2026

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जब सूर्य देव मीन राशि में प्रवेश करते हैं, तब खरमास की शुरुआत मानी जाती है। वर्ष 2026 में सूर्य का मीन राशि में प्रवेश 14 मार्च 2026 को होगा, जिससे उसी दिन से खरमास की शुरुआत मानी जाएगी। यह अवधि लगभग एक महीने तक रहती है और इसके बाद सूर्य के मेष राशि में प्रवेश के साथ समाप्त होती है।

खरमास में क्या न करें

खरमास के दौरान कुछ मांगलिक और शुभ कार्यों को करने से बचने की सलाह दी जाती है।

विवाह, सगाई और गृह प्रवेश जैसे कार्य नहीं किए जाते।

नया घर या संपत्ति खरीदने से भी लोग परहेज करते हैं।

नए व्यवसाय की शुरुआत या बड़े निवेश को टालना बेहतर माना जाता है।

धार्मिक मान्यता है कि इस अवधि में किए गए शुभ कार्यों का पूर्ण फल नहीं मिलता।

खरमास में क्या करें

खरमास का समय धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों के लिए बेहद अच्छा माना जाता है।

भगवान विष्णु और सूर्य देव की पूजा करना शुभ माना जाता है।

दान-पुण्य और जरूरतमंदों की सहायता करना फलदायी होता है।

धार्मिक ग्रंथों का पाठ, भजन-कीर्तन और ध्यान करने से सकारात्मक ऊर्जा मिलती है।

खरमास का धार्मिक महत्व

शास्त्रों के अनुसार खरमास आत्मचिंतन और भक्ति का समय माना जाता है। इस दौरान व्यक्ति सांसारिक कार्यों से थोड़ा विराम लेकर आध्यात्मिक साधना और भगवान की आराधना पर ध्यान देता है। मान्यता है कि इस समय किए गए जप, तप और दान का विशेष पुण्य मिलता है।

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