Kharmas 2025: आज 16 दिसंबर 2025 से साल का खास पवित्र काल खरमास शुरू हो गया है। ज्योतिष के अनुसार, जब प्रत्यक्ष देवता माने जाने वाले सूर्यदेव गुरु की राशि धनु या मीन में प्रवेश करते हैं, तो खरमास लगता है। आज सूर्य वृश्चिक राशि से निकलकर धनु राशि में प्रवेश कर गए हैं। इसके साथ ही धनु संक्रांति का पुण्यकाल प्रात: 07:07 से दोपहर 12:17 बजे तक रहेगा, जबकि इसका महापुण्यकाल 07:07 से 08:50 बजे तक रहेगा।
खरमास के दौरान हिंदू धर्म में मांगलिक कार्यों पर रोक होती है। इस दौरान कुछ कार्य करने से शुभता मिलती है, जबकि कुछ कार्यों को करने से अशुभ फल की संभावना रहती है।
खरमास में क्या नहीं करना चाहिए
वाद-विवाद और झगड़ों से बचें, क्योंकि इस समय होने वाले विवाद बड़ी आर्थिक और सामाजिक हानि का कारण बन सकते हैं।
धन का लेन-देन या उधार देना अशुभ माना गया है। इस दौरान उधार दिया गया पैसा आसानी से वापस नहीं आता।
मांगलिक कार्य जैसे शादी, मुंडन, गृहप्रवेश, जनेऊ संस्कार आदि नहीं करने चाहिए।
नए व्यवसाय या परियोजनाओं की शुरुआत टालनी चाहिए।
तामसिक भोजन और जीवनशैली से दूर रहें; संयमित और सात्विक जीवन जीना चाहिए।
खरमास में क्या करना चाहिए
सूर्योदय से पहले उठकर स्नान और ध्यान करें। उगते सूर्य को अर्घ्य दें और आदित्य हृदय स्तोत्र या ॐ घृणि सूर्याय नमः मंत्र का जप करें।
जरूरतमंदों को चना, गुड़, चावल, कंबल, कपड़े और धन का दान करें।
सूर्य देवता की आराधना करते हुए विनम्र और सात्विक जीवन अपनाएं।
यदि संभव हो तो किसी पवित्र जल तीर्थ जैसे गंगा या यमुना में स्नान करें। घर पर भी गंगाजल मिलाकर स्नान करना शुभ माना जाता है।
खरमास का यह पवित्र समय व्यक्ति को आध्यात्मिक उन्नति, संयम और पुण्यप्राप्ति का अवसर देता है। सही दिशा में किए गए कार्य और साधना से इस काल का अधिकतम लाभ उठाया जा सकता है।
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