Karwa Chauth 2025 : देशभर में सुहागिनों का प्रिय पर्व करवा चौथ आज यानी 10 अक्टूबर 2025 को मनाया जा रहा है। यह व्रत हर साल कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को रखा जाता है। इस दिन विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और दांपत्य जीवन की सुख-समृद्धि के लिए निर्जला व्रत रखती हैं। वे दिनभर बिना अन्न और जल ग्रहण किए शाम को चांद के दर्शन के बाद ही व्रत तोड़ती हैं।
करवा चौथ का धार्मिक महत्व
करवा चौथ की पूजा में भगवान शिव, माता पार्वती, भगवान गणेश और कार्तिकेय की आराधना की जाती है। व्रत के दौरान महिलाएं सोलह श्रृंगार करती हैं और पूजा के बाद मिट्टी के करवे से चांद को अर्घ्य देती हैं। छलनी से चांद को देखने के बाद अपने पति को जल पिलाकर व्रत का समापन करती हैं। करवे का विशेष महत्व माना गया है, जिसे पूजा के उपरांत ब्राह्मण को दान किया जाता है।
महाराष्ट्र के प्रमुख शहरों में करवा चौथ चंद्रोदय का समय
इस पावन पर्व पर महिलाएं दिनभर चांद के दर्शन का इंतजार करती हैं। इस साल द्रिक पंचांग के अनुसार करवा चौथ की रात चांद निकलने का समय लगभग रात 8 बजकर 14 मिनट बताया गया है। हालांकि शहरों के अनुसार इसमें थोड़ा अंतर रहेगा।
महाराष्ट्र के प्रमुख शहरों में चंद्रोदय का समय
- मुंबई: 08:56 PM
- पुणे: 08:52 PM
- नागपुर: 08:24 PM
- नासिक: 07:18 PM
- कोल्हापुर: 07:42 PM
- औरंगाबाद: 07:57 PM
- अहमदनगर: 07:57 PM
- सातारा: 08:35 PM
- भुसावल: 08:10 PM
- अकोला: 06:52 PM
- लातूर: 07:57 PM
करवा चौथ पूजन का शुभ मुहूर्त
हिंदू पंचांग के अनुसार, कार्तिक कृष्ण चतुर्थी तिथि 9 अक्टूबर की रात 10:54 बजे से प्रारंभ होकर 10 अक्टूबर शाम 7:38 बजे तक रहेगी। पूजा के लिए शुभ मुहूर्त शाम 5:57 से 7:11 बजे तक रहेगा। इसी अवधि में महिलाएं भगवान शिव-पार्वती और चंद्रदेव की पूजा करेंगी।
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करवा चौथ का सौंदर्य और परंपरा
इस दिन महिलाएं (Karwa Chauth 2025 ) लाल या गुलाबी परिधान पहनकर सोलह श्रृंगार करती हैं। यह श्रृंगार न केवल सौंदर्य का प्रतीक है बल्कि सौभाग्य और शुभता का भी द्योतक माना जाता है। पूजा के बाद महिलाएं छलनी से चांद और फिर अपने पति को देखती हैं, जिसके बाद व्रत पूर्ण होता है।

