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Holi 2026: भारत की इन जगहों पर नहीं खेली जाती होली, जानें क्या है वजह

Holi 2026: भारत में होली को रंगों, खुशियों और भाईचारे का त्योहार माना जाता है। ज्यादातर शहरों और गांवों में होली धूमधाम से मनाई जाती है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि देश में कुछ ऐसी जगहें भी हैं जहां होली नहीं खेली जाती या फिर वहां होली का रंग-उत्सव बहुत सीमित रहता है। इसके पीछे वजह अलग-अलग हो सकती है कहीं परंपरा है, कहीं धार्मिक मान्यता, तो कहीं स्थानीय नियम और रीति-रिवाज।

शांतिनिकेतन पश्चिम बंगाल: पश्चिम बंगाल के शांतिनिकेतन में होली का रूप बाकी जगहों से काफी अलग है। यहां लोग होली को “बसंत उत्सव” के रूप में मनाते हैं। इसमें,रंग खेलने की बजाय,गीत-संगीत और सांस्कृतिक कार्यक्रम होते हैं ।

मणिपुर: मणिपुर के कई हिस्सों में होली पूरे देश जैसी नहीं होती। यहां होली की जगह लोग याओशांग नाम से त्योहार मनाते हैं, जिसमें खेल-कूद और सांस्कृतिक आयोजन होते हैं । रंग खेलने की परंपरा बहुत सीमित रहती है।

दक्षिण भारत के कई शहर: दक्षिण भारत में होली का उत्साह उत्तर भारत जितना नहीं होता। खासतौर पर तमिलनाडु,केरल,आंध्र प्रदेश,कर्नाटक इन राज्यों के कई शहरों में होली सीमित रूप में मनाई जाती है।

मिजोरम: मिजोरम के कई हिस्सों में होली की परंपरा बहुत ज्यादा प्रचलित नहीं है। यहां स्थानीय लोग अपने पारंपरिक त्योहारों को प्राथमिकता देते हैं । होली का उत्सव बड़े स्तर पर नहीं मनाते ।

अरुणाचल प्रदेश: अरुणाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में होली बहुत सीमित रूप में मनाई जाती है। यहां होली का उत्साह बाकी राज्यों जैसा नहीं होता लोग अपने स्थानीय त्योहारों को ज्यादा महत्व देते हैं।

होली न खेलने की मुख्य वजह क्या है

भारत में अलग-अलग क्षेत्रों की परंपराएं अलग होती हैं। होली न खेलने या सीमित रूप में मनाने के पीछे कई कारण हो सकते हैं।

स्थानीय परंपराएं: कुछ जगहों पर रंगों का त्योहार उनकी संस्कृति में शामिल नहीं होता ।

अलग धार्मिक मान्यताएं: कुछ क्षेत्रों में दूसरे धर्म और त्योहार ज्यादा प्रमुख होते हैं।

त्योहार का अलग नाम: कई जगहों पर होली जैसी भावना वाला उत्सव होता है, लेकिन उसका नाम और तरीका अलग होता है।

होली भारत का बड़ा त्योहार है, लेकिन देश की विविधता के कारण कुछ शहरों और राज्यों में यह रंगों के साथ नहीं मनाई जाती या फिर बहुत सीमित रूप में होती है।

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