Chandra Grahan 2025: आज साल का सबसे लंबा चंद्र ग्रहण, जो कि पूरे 3 साल बाद लग रहा है. साथ ही, आज पूर्ण चंद्र ग्रहण लगेगा जिसका संयोग पूरे 500 साल बाद बनेगा. चंद्र ग्रहण का सूतक काल दोपहर 12 बजकर 57 मिनट से शुरू होगा, इसलिए सलाह दी जाती है कि जरूरी धार्मिक कार्य सुबह ही पूरे कर लिए जाएं. मंदिर में पूजा-अर्चना, जप-ध्यान जैसे काम सूतक लगने से पहले करना उचित माना गया है.
पितरों की सुबह ही कर लें संपन्न
7 सितंबर को पूर्णिमा का श्राद्ध भी पड़ रहा है, ऐसे में पितरों के लिए तर्पण और पिंडदान सुबह ही संपन्न कर लेना चाहिए. तुलसी के पत्ते भी पहले ही तोड़कर सुरक्षित रख लें ताकि उन्हें भोजन या जल में प्रयोग किया जा सके.
सूतक लगने के बाद पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठान नहीं करें
चंद्र ग्रहण का सूतक लगने के बाद पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठान नहीं किए जाते हैं. इसलिए ज्योतिषविदों की सलाह है कि 7 सितंबर को सूतक लगने से पहले ही पितरों का श्राद्ध और पिंडदान कर लें. सूतक दोपहर 12.57 बजे लगेगा. आपको इससे पहले ही श्राद्ध, पिंडदान करना होगा.
बच्चों, वृद्धजनों और गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष छूट
हालांकि यह नियम सभी पर समान रूप से लागू नहीं होगा. बच्चों, वृद्धजनों और गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष छूट रखी गई है. इनके लिए सूतक का असर 7 सितंबर की शाम 6 बजकर 35 मिनट से माने जाने की बात कही गई है. जैसे ही चंद्र ग्रहण समाप्त होगा, उसी समय सूतक का प्रभाव भी खत्म हो जाएगा.
चंद्र ग्रहण के बाद दान का महत्व
चंद्र ग्रहण समाप्त होने के बाद गरीब और जरूरतमंद लोगों को अन्न, वस्त्र या इस्तेमाल होने वाली चीजें दान करना शुभ होता है. ग्रहण खत्म होने के बाद आप चावल, दूध, चीनी, घी, वस्त्र या सामर्थ्य के अनुसार चांदी भी दान कर सकते हैं.
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