Chandra Grahan 2025 : रात 7 सितंबर को रात 9:58 बजे प्रारंभ हुआ पूर्ण चंद्रग्रहण पूरे भारत में ब्लड मून का दुर्लभ नज़ारा उत्पन्न कर गया। 122 वर्षों बाद पितृपक्ष के दौरान लगने वाला यह पूर्ण चंद्रग्रहण बेहद खास था। ज्योतिष विद्वानों के अनुसार, चंद्रग्रहण का प्रभाव समाप्त होने के बावजूद कई दिनों तक बना रहता है। इसलिए अगले दिन सुबह होते ही कुछ विशेष धार्मिक और पवित्र उपाय अवश्य किए जाने चाहिए, जिन्हें ग्रहण की अशुभ छाया को हटाने के लिए अत्यंत आवश्यक माना जाता है।
अपने घर और पूजा स्थलों को पवित्र बनाएं—ये 5 काम तुरंत सुबह करें
- घरों में गंगाजल का स्प्रे करें
ग्रहण के बाद पूरे घर में गंगाजल छिड़कने से नकारात्मक प्रभाव समाप्त होता है और घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। - पवित्र स्नान करें
ग्रहण समाप्त होते ही स्नान करें। यदि संभव हो तो स्नान के पानी में थोड़ी मात्रा में गंगाजल मिला कर स्नान करना उत्तम माना जाता है। - मंदिरों या पूजा स्थल की सफाई और पुनःस्थापना
ग्रहण काल में मंदिरों के कपाट बंद हो जाते हैं और देवी–देवताओं की मूर्तियां ढक दी जाती हैं। ग्रहणशक्ति समाप्ति पर उनके कपाट खोलें, मूर्ति को गंगाजल से स्नान कराएं, फिर दीप, धूप और इत्र अर्पित करें। - बासी भोजन से बचें
यदि ग्रहण पूर्व आपने भोजन में तुलसी नहीं डाली थी या खाना कुछ समय पहले का है, तो उसे ग्रहण के बाद ग्रहण न करें। ताज़ा भोजन बनाएं और ग्रहण करें। - दान-धर्म और पूजा आरंभ करें
ग्रहण के समाप्त होते ही दान-पुण्य, पूजा-अर्चना, तर्पण या धार्मिक कर्मकांड करना शुभ माना गया है। इसके माध्यम से मानसिक और आध्यात्मिक शांति प्राप्त होती है।
यह साल 2025 का आखिरी पूर्ण चंद्रग्रहण था, जिसका आरंभ रात 9:58 बजे और समापन रात 1:26 बजे हुआ। ज्योतिष कहता है कि ग्रहण के तुरंत बाद किए गए उपाय दोषों को कम करते हैं और पुण्य को बढ़ाते हैं।
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यह चंद्रग्रहण न केवल खगोलीय दृष्टि से दुर्लभ था, बल्कि धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण था। ग्रहण (Chandra Grahan 2025) समाप्ति के अगले दिन सुबह 5 महत्वपूर्ण कदम गंगाजल छिड़कना, पवित्र स्नान, पूजा स्थल की शुद्धि, ताज़ा भोजन और दान-पूजा आपके घर एवं मन में सकारात्मकता, पवित्रता और शांति लाने में सहायक हैं।

