होम = अध्यात्म = Chaitra Navratri 2026: मां दुर्गा की शांति बनी रहे, तो नवरात्रि में अपनाएं ये खास नियम

Chaitra Navratri 2026: मां दुर्गा की शांति बनी रहे, तो नवरात्रि में अपनाएं ये खास नियम

Chaitra Navratri 2026: चैत्र नवरात्रि का पावन पर्व आध्यात्मिक ऊर्जा और शक्ति की उपासना का समय माना जाता है। इस साल यह पर्व 19 मार्च 2026 से शुरू हो रहा है। इन नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है और मान्यता है कि इस समय देवी का वास घर-घर में होता है। इसलिए घर की पवित्रता बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। शास्त्रों के अनुसार, यदि इन दिनों में कुछ विशेष सावधानियां नहीं बरती गईं, तो पूजा का फल कम हो सकता है और घर में नकारात्मक ऊर्जा प्रवेश कर सकती है।

नवरात्रि में किन चीज़ों से रखें दूरी

  1. चमड़े की वस्तुएं

नवरात्रि में चमड़े से बनी वस्तुएं जैसे बेल्ट, पर्स, जूते या जैकेट पहनने से बचें। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह अशुद्ध माना जाता है और पूजा की पवित्रता प्रभावित हो सकती है।

  1. बाल और नाखून काटने से बचें

नौ दिनों के दौरान बाल या नाखून काटना वर्जित है। ऐसा करने से शरीर से जुड़ी क्रियाओं में बाधा आती है और पूजा का फल कम हो सकता है।

  1. तामसिक भोजन से दूरी बनाएं

मांस, मछली, अंडा, प्याज और लहसुन जैसे तामसिक भोजन से दूर रहें। इस समय सात्विक भोजन, फलाहार और हल्का आहार करना शुभ माना जाता है।

  1. साफ-सुथरे वस्त्र पहनें

नवरात्रि में गंदे या अशुद्ध वस्त्र पहनकर पूजा करना देवी की आराधना में बाधा माना जाता है। पवित्र और साफ वस्त्र पहनकर ही देवी की पूजा करें।

  1. कलश स्थापना के बाद नींबू न काटें

यदि घर में कलश स्थापना की गई है तो नवरात्रि के दौरान नींबू काटना वर्जित है। ऐसा करने से पूजा की शुद्धता प्रभावित होती है।

  1. शराब और नशे की वस्तुओं से दूर रहें

नवरात्रि में शराब, सिगरेट या किसी भी प्रकार के नशे की वस्तुएं घर में लाना अशुभ माना जाता है। यह देवी दुर्गा का अपमान है और घर में नकारात्मक ऊर्जा बढ़ा सकता है।

नवरात्रि में क्या करें

रोज सुबह-शाम मां दुर्गा की पूजा और अराधना करें।
घर और पूजा स्थल को पूरी तरह साफ-सुथरा रखें।
सात्विक जीवनशैली अपनाएं और नकारात्मक विचारों से दूर रहें।
श्रद्धा और भक्ति से पूजा करें, मन को शुद्ध रखें।

चैत्र नवरात्रि केवल देवी की पूजा का समय नहीं, बल्कि आध्यात्मिक अनुशासन, संयम और सकारात्मक ऊर्जा का पर्व भी है। इन सावधानियों का पालन करने से मां दुर्गा की कृपा बनी रहती है और घर में सुख-समृद्धि आती है।

ये भी पढ़ें: Stock Market Crash: सेंसेक्स 1300 अंक लुढ़का, निवेशकों के 5 लाख करोड़ रुपये डूबे, जानिए गिरावट की वजह

बंगाल