Kharmas 2026: सनातन परंपरा में खरमास को अशुभ काल माना जाता है, जिसकी अवधि लगभग एक महीने की होती है। इस दौरान विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन जैसे सभी मांगलिक कार्य वर्जित माने जाते हैं। वर्ष में दो बार खरमास लगता है, पहला मार्च-अप्रैल के बीच और दूसरा नवंबर-दिसंबर में।
क्यों लगता है खरमास?
पंचांग के अनुसार, जब सूर्य देव गुरु की राशि धनु या मीन में प्रवेश करते हैं, तब खरमास आरंभ होता है। मान्यता है कि इस समय सूर्य और गुरु दोनों के शुभ प्रभाव कमजोर हो जाते हैं, जबकि विवाह जैसे संस्कारों के लिए इनका बल अत्यंत आवश्यक माना गया है।
मार्च 2026 में कब शुरू होगा खरमास?
वर्तमान में सूर्य कुंभ राशि में गोचर कर रहे हैं। पंचांग के मुताबिक, 15 मार्च 2026, रविवार को दोपहर 1:08 बजे सूर्य मीन राशि में प्रवेश करेंगे। इसी क्षण मीन संक्रांति के साथ खरमास की शुरुआत हो जाएगी। खरमास 14 अप्रैल 2026 को समाप्त होगा, जब सूर्य सुबह 9:38 बजे मेष राशि में प्रवेश करेंगे।
खरमास से पहले मार्च 2026 के विवाह मुहूर्त
खरमास लगने से पहले मार्च में विवाह के सीमित शुभ दिन उपलब्ध हैं-
• 2 मार्च (सोमवार)
• 3 मार्च (मंगलवार)
• 4 मार्च (बुधवार)
• 7 मार्च (शनिवार)
• 8 मार्च (रविवार)
• 9 मार्च (सोमवार)
• 11 मार्च (बुधवार)
• 12 मार्च (गुरुवार)
इन तिथियों के बाद खरमास के कारण विवाह नहीं किए जा सकेंगे।
विवाह मुहूर्त तय करते समय इन बातों का रखें ध्यान
• अभिजीत मुहूर्त और गोधूलि बेला विवाह के लिए विशेष रूप से शुभ मानी जाती है
• शुभ करण: किस्तुघ्न, बव, बालव, कौलव, तैतिल, गर और वणिज
• शुभ तिथियां: द्वितीया, तृतीया, पंचमी, सप्तमी, एकादशी और त्रयोदशी
• शुभ वार: सोमवार, बुधवार, गुरुवार और शुक्रवार
मुहूर्तों पर विशेष ध्यान
शास्त्रों के अनुसार, ब्रह्म मुहूर्त को सबसे सात्विक और सकारात्मक ऊर्जा वाला समय माना गया है। यही कारण है कि प्राचीन काल में विवाह प्रायः प्रातःकाल या सूर्यास्त के आसपास संपन्न किए जाते थे। यदि आप मार्च 2026 में विवाह की योजना बना रहे हैं, तो खरमास से पहले के इन मुहूर्तों पर विशेष ध्यान देना बेहद जरूरी है।

