Jagdeep Dhankhar News : उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने सोमवार शाम अपने पद से तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे दिया. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को भेजे गए अपने इस्तीफे में धनखड़ ने बताया कि वे स्वास्थ्य देखभाल को प्राथमिकता देने के कारण यह कदम उठा रहे हैं.
राजनीतिक गलियारों में अटकलों पर चर्चा
उनके अचानक इस्तीफा संसद के मॉनसून सत्र के पहले दिन आया, जिससे राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई है और संभावित उत्तराधिकारी के नामों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं. धनखड़ के इस्तीफे के बाद, अब इस पद पर नए चुनाव जल्द से जल्द कराए जाएंगे. भारतीय संविधान के अनुच्छेद 68 के तहत, उपराष्ट्रपति की रिक्ति को भरने के लिए चुनाव यथाशीघ्र कराना अनिवार्य है. इस रिक्ति के लिए निर्वाचित व्यक्ति को पांच वर्षों तक इस पद का कार्यकाल मिलेगा.
कौन है संभावित उम्मीदवार
भारतीय जनता पार्टी के पास उपराष्ट्रपति पद के लिए कई बड़े नेताओं के नाम हैं. पार्टी के भीतर से या फिर राज्यपालों, संगठन के अनुभवी नेताओं, और केंद्रीय मंत्रियों में से किसी का चयन किया जा सकता है. धनखड़ खुद पश्चिम बंगाल के राज्यपाल रह चुके थे, और उनके पूर्ववर्ती, एम. वेंकैया नायडू, भी भाजपा के वरिष्ठ नेता और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंत्रिमंडल के सदस्य थे. नायडू को 2017 में उपराष्ट्रपति पद के लिए चुना गया था.
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अब भाजपा के लिए इस पद पर नए उम्मीदवार का चयन एक अहम चुनौती बन गया है. वर्तमान में राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश भी उपराष्ट्रपति पद के संभावित उम्मीदवार के रूप में देखे जा रहे हैं. उन्हें सरकार का विश्वास प्राप्त है और वे 2020 से इस पद पर कार्यरत हैं.
धनखड़ का कार्यकाल और विवादों से भरा सफर
जगदीप धनखड़ ने अगस्त 2022 में उपराष्ट्रपति पद की शपथ ली थी और उनका कार्यकाल 2027 तक था. अपने कार्यकाल के दौरान, उन्होंने विपक्ष से कई बार टकराव किया और उनके खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव भी लाया गया था जिसे राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने खारिज कर दिया था.
दिल्ली AIIMS में हुए थे भर्ती
मार्च 2025 में धनखड़ को दिल्ली के AIIMS अस्पताल में एंजियोप्लास्टी करानी पड़ी थी और वे कुछ दिनों तक अस्पताल में भर्ती रहे थे. हालांकि, वे कई सार्वजनिक कार्यक्रमों में सक्रिय रहे, लेकिन उनकी सेहत को लेकर समय-समय पर चर्चा होती रही.

