World Elephant Day 2025: वर्ल्ड एलीफेंट डे 2025 12 अगस्त को मनाया जाता है। जिसका मकसद वन्य-जीवों की रक्षा करना है और उनके प्रति जागरूकता फैलाना है। ऐसे में सैंड आर्टिस्ट सुदर्शन पटनायक ने ओडिशा के पुरी बीच पर हाथी की 12 फीट लंबी कलाकृति बनाकर खास संदेश दिया। उन्होंने लिखा- ‘Save our Habitat’।
हाथियों के संरक्षण, सुरक्षा और कल्याण के बारे में वैश्विक जागरूकता बढ़ाने के लिए हर साल 12 अगस्त को विश्व हाथी दिवस मनाया जाता है। यह दिन उनके प्राकृतिक आवासों के संरक्षण और अवैध शिकार तथा आवास विनाश जैसे खतरों से निपटने पर भी केंद्रित है।
इस साल 2025 का विषय (Theme) है “हाथियों की मदद के लिए विश्व को एक साथ लाना”, जो इन भव्य प्राणियों की रक्षा के लिए एकजुट अंतर्राष्ट्रीय कार्रवाई की तत्काल आवश्यकता को दर्शाता है।
विश्व हाथी दिवस का इतिहास
स्थापना वर्ष: 2012
संस्थापक: कनाडाई फ़िल्म निर्माता पेट्रीसिया सिम्स और थाईलैंड के एलिफेंट रीइंट्रोडक्शन फ़ाउंडेशन द्वारा।
इस पहल की शुरुआत पेट्रीसिया सिम्स की डॉक्यूमेंट्री ” Return to the Forest” से हुई, जिसमें थाईलैंड में हाथियों के पुनर्वास को दर्शाया गया था।
पहला उत्सव: 12 अगस्त 2012
उद्देश्य: इस दिवस की स्थापना हाथियों के समक्ष आने वाली समस्याओं की ओर वैश्विक ध्यान आकर्षित करने तथा उनके अस्तित्व के लिए सामूहिक प्रयासों को प्रेरित करने के लिए की गई थी।
विश्व हाथी दिवस के उद्देश्य
यह उत्सव प्रतीकात्मकता से कहीं आगे जाता है। इसके मुख्य लक्ष्य हैं:
- हाथियों के प्राकृतिक आवासों का संरक्षण करना ताकि जंगल में उनका अस्तित्व बना रहे।
- हाथीदांत के अवैध शिकार और अवैध शिकार को रोकना।
- बंदी हाथियों के कल्याण में सुधार करना।
- जनता में जागरूकता बढ़ाना और हाथियों के प्रति संवेदनशीलता को प्रोत्साहित करना।
- दीर्घकालिक संरक्षण सुनिश्चित करने के लिए कानूनों और नीतियों को मज़बूत बनाना।
हाथियों के प्रकार
- African Elephant
- Asian Elephant
भारत में हाथियों की स्थिति
- वैज्ञानिक नाम: एलिफस मैक्सिमस इंडिकस
- IUCN रेड लिस्ट स्थिति: संकटग्रस्त
- कानूनी संरक्षण: भारतीय वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की अनुसूची I में सूचीबद्ध
- राष्ट्रीय मान्यता: भारत का राष्ट्रीय विरासत पशु घोषित
ये भी पढ़े : लोकसभा में जस्टिस वर्मा के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव मंजूर, स्पीकर ओम बिरला ने बनाई जांच कमेटी

