Ghaziabad News : गाजियाबाद में कुछ महिलाओं ने सामाजिक बंधनों से बाहर निकलकर सनातन धर्म को अपनाया और इसे आत्मसम्मान व स्वतंत्रता की दिशा में एक ‘नई शुरुआत’ बताया है। इस दौरान उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि वे लंबे समय से इस्लामिक समाज की पाबंदियों से परेशान थीं।
जो मेरे जीवन को नई दिशा दे रहा है
‘घर वापसी’ कार्यक्रम के दौरान इन महिलाओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि उन्होंने वर्षों से चली आ रही व्यक्तिगत और पारिवारिक परेशानियों से बाहर निकलने का फैसला किया। एक महिला, जिन्होंने 8 साल पहले एक हिंदू युवक से विवाह किया था, ने कहा, “अब मुझे महसूस होता है कि मैं एक स्वतंत्र सोच रखने वाली महिला हूं। सनातन संस्कृति में सम्मान और खुलापन है, जो मेरे जीवन को नई दिशा दे रहा है।”
पहचान और गरिमा के साथ जीने का मौका
एक अन्य महिला ने अपने तीन बच्चों के साथ सनातन धर्म को अपनाते हुए कहा कि अब वे आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी महसूस कर रही हैं। उन्होंने कहा, “अब मुझे इंसान समझा जा रहा है, सिर्फ एक भूमिका में नहीं बांधा जा रहा।” इन महिलाओं का कहना है कि धर्म बदलना उनके लिए एक आध्यात्मिक और सामाजिक पुनर्जन्म जैसा है, जहां उन्हें अब अपनी पहचान और गरिमा के साथ जीने का मौका मिला है।
कपिल मेहरा- गाजियाबाद
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