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बांदा में खाद को लेकर हंगामा : किसानों ने लगाया जाम, अधिकारी से मारपीट, प्रशासन ने नकारे आरोप

by | Oct 11, 2025 | Others

Uttar Pradesh News : उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में खाद की भारी किल्लत से परेशान किसानों का गुस्सा शुक्रवार को फूट पड़ा। तिंदवारी रोड स्थित गल्ला मंडी में किसानों को लंबे समय से खाद न मिलने की वजह से हालात बेकाबू हो गए। नाराज़ किसानों ने बांदा-फतेहपुर हाईवे पर जाम लगा दिया, जिससे यातायात घंटों बाधित रहा।

सूचना मिलने पर एसडीएम सदर नमन मेहता पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और किसानों को समझाकर जाम खुलवाया। लेकिन इससे पहले मंडी परिसर में खाद वितरण केंद्र पर भारी बवाल हो गया, जिसमें एक कृषि अधिकारी और किसान के बीच झड़प हुई, जो बाद में मारपीट में बदल गई।

किसानों का आरोप :

  • 5 दिनों से खाद के लिए लाइन में लग रहे हैं, फिर भी खाद नहीं मिल रही।
  • अवैध वसूली की जा रही है – पासबुक दिखाने पर भी अतिरिक्त पैसे मांगे जा रहे हैं।
  • महिला किसानों ने कहा, आज करवा चौथ है, फिर भी सुबह से लाइन में हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही।”

हंगामे का कारण:

खाद वितरण केंद्र पर उस समय माहौल बिगड़ गया जब एक किसान ने अवैध वसूली का विरोध किया। आरोप है कि वहां मौजूद ADCO (कृषि अधिकारी) ने गुस्से में आकर तख्त पर चढ़कर किसान के सीने में लात मार दी। इससे भीड़ उग्र हो गई और किसानों ने अधिकारी की जमकर पिटाई कर दी।

इतना ही नहीं, अधिकारी के समर्थन में आए कुछ अन्य कर्मचारियों को भी भीड़ ने पीट दिया। इसके बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई।

प्रशासन का दावा:

वहीं इस पूरे मामले में एसडीएम नमन मेहता ने किसानों के आरोपों को पूरा खारिज करते हुए कहा कि जिले में खाद की कोई कमी नहीं है, न ही किसी तरह की अव्यवस्था है। किसानों ने कोई जाम नहीं लगाया और न ही कोई मारपीट हुई है। हालांकि स्थानीय मीडिया और ग्रामीणों के वीडियो इन दावों के उलट हालात को बयां कर रहे हैं।

अभी तक कोई शिकायत नहीं

पुलिस के अनुसार, घटना के संबंध में किसी भी पक्ष ने अभी तक कोई लिखित शिकायत (तहरीर) नहीं आई है। लेकिन हालात को देखते हुए गल्ला मंडी क्षेत्र में पुलिस तैनात कर दी गई है और खाद वितरण की निगरानी भी बढ़ा दी गई है।

स्थिति नियंत्रण में, लेकिन असंतोष बरकरार

बता दें कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन किसानों के बीच गहरा असंतोष बना हुआ है। खाद वितरण की व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं और ग्रामीण इलाकों के किसान बिना खाद के फसलों को लेकर चिंतित हैं। बांदा जिले में यह मुद्दा कृषि व्यवस्था की गंभीर खामियों को उजागर कर रहा है, जिसे लेकर जल्द प्रभावी कार्रवाई जरूरी है।

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