Russian Vladimir Putin India Visit : रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भारत के दौरे पर हैं। इस दौरान वह राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे। पुतिन करीब 28 घंटे की यात्रा पूरी करने के बाद शुक्रवार रात भारत से रवाना होंगे।
सुबह राष्ट्रपति भवन में स्वागत
पुतिन का मुख्य कार्यक्रम 5 दिसंबर, शुक्रवार को तय है। दिन की शुरुआत सुबह 11 बजे राष्ट्रपति भवन में भारतीय राष्ट्रपति से मुलाकात से होगी। यहां उनका औपचारिक स्वागत किया जाएगा और तीनों सेनाएं सलामी गारद पेश करेंगी।
राजघाट में महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि
राष्ट्रपति भवन से निकलकर पुतिन राजघाट पहुंचेंगे, जहां वे महात्मा गांधी की समाधि पर श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।
हैदराबाद हाउस में बड़ी बैठकें
इसके बाद पुतिन हैदराबाद हाउस जाएंगे। यहां भारत और रूस के बीच महत्वपूर्ण राजनयिक बैठकें होंगी। इस दौरान दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडल भाग लेंगे और कुछ बड़े बिजनेसमैन भी मौजूद रह सकते हैं।
बातचीत के मुख्य मुद्दे
- रक्षा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाना
- भारत–रूस व्यापार को बाहरी दबावों से सुरक्षित रखना
- छोटे ‘मॉड्यूलर रिएक्टर’ में संभावित सहयोग
- रूस–यूक्रेन युद्ध की स्थिति
- इन बैठकों पर पश्चिमी देशों की विशेष नजर रहने की उम्मीद है।
पीएम मोदी देंगे दोपहर का भोज
प्रधानमंत्री मोदी हैदराबाद हाउस में पुतिन और उनके प्रतिनिधिमंडल के लिए दोपहर के भोजन का आयोजन करेंगे।
भारत मंडपम में व्यापारिक कार्यक्रम
इसके बाद मोदी और पुतिन भारत मंडपम में फिक्की और रोसकांग्रेस द्वारा आयोजित एक बिजनेस कार्यक्रम में शामिल होंगे। इसमें दोनों देशों के व्यापार जगत के कई प्रमुख लोग मौजूद रहेंगे।
रूसी टीवी चैनल की शुरुआत
शिखर वार्ता के बाद पुतिन रूस के सरकारी प्रसारक के भारत चैनल की शुरुआत करेंगे। इसके बाद वे राष्ट्रपति भवन में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगे।
शाम को राजकीय भोज
शाम को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पुतिन के सम्मान में राजकीय भोज आयोजित करेंगी।
रात में भारत से प्रस्थान
करीब 9 बजे रात, पुतिन अपनी 28 घंटे की यात्रा के बाद मॉस्को के लिए रवाना होने की संभावना है।
भारत–रूस के बीच होंगे कई अहम समझौते
भारत और रूस के बीच 23वीं शिखर वार्ता के बाद कई क्षेत्रों में अहम समझौते होने की उम्मीद है।
संभावित मुख्य मुद्दे
- रूस से कच्चे तेल की खरीद और बढ़ते व्यापार घाटे पर चर्चा
- अमेरिका द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों के भारत पर पड़ने वाले प्रभाव
- रूस–यूक्रेन युद्ध को खत्म करने की कोशिशों पर बातचीत
दोनों देशों के बीच यह वार्ता राजनीतिक, आर्थिक और रक्षा संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

