अफगानिस्तान में तालिबान सरकार गंभीर आंतरिक टकराव से जूझ रही है। इसका खुलासा तालिबान में सुप्रीम लीडर हिबतुल्लाह अखुंदजादा के क्लिप वीडियो से हुआ है। दरअसल, सामने आए वीडियो में अखुंदजादा कह रहे हैं कि सरकार के अंदर ही लोग आपस में टकरा रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ये अंदरूनी मतभेद बढ़ते रहे, तो इस्लामिक अमीरात (तालिबान सरकार) ढह जाएगा और खत्म हो जाएगा।
तालिबान सत्ता के हैं 2 गुट
तालिबान की सत्ता के 2 गुट सरकार का संचालन करते हैं। पहला गुट सुप्रीम लीडर अखुंदजादा का जो कंधार से चलाता है और दूसरा गुट सरकार की कैबिनेट के मंत्री, प्रभावशाली लड़ाके और असरदार धार्मिक विद्वान शामिल हैं। यह गुट राजधानी काबुल में बैठकर सरकार चला रहा है।
तालिबान में इंटरनेट बैन बना टकराव की वजह
माना जा रहा है कि सुप्रीम लीडर अखुंदजादा और गृह मंत्री सिराजुद्दीन हक्कानी व उप प्रधानमंत्री अब्दुल गनी बरादर के बीच टराव की वजह इंटरनेट बना है। अखुंदजादा ने तालिबान में एक सख्त इस्लामी राज्य चाहते हैं। इनका गुट महिलाओं की शिक्षा और नौकरियों का विरोध करता है और इंटरनेट समेत आधुनिक तकनीक पर कड़े प्रतिबंध लगाना चाहता है। वहीं दूसरी ओर गृह मंत्री सिराजुद्दीन हक्कानी का गुट आर्थिक सहयोग के पक्ष में है। यह गुट व्यापार, अंतरराष्ट्रीय संबंधों और महिलाओं की सीमित शिक्षा का समर्थन करता है। उनका मानना है कि शासन चलाने और कारोबार के लिए इंटरनेट बेहद जरूरी है।
कब का है यह वीडियो
रिपोर्ट के मुताबिक अखुंदजादा का यह वीडियो जनवरी 2025 का है। वीडियों में उन्होंने दक्षिणी शहर कंधार की एक मदरसे में उनका तालिबान सदस्यों को संबोधित किया था। इससे उन अफ़वाहों को और हवा मिल गई थी, जो बीते कई महीनों से चल रही थीं यानी तालिबान के शीर्ष नेतृत्व में मतभेद की अफ़वाहें। हालांकि, रिपोर्ट में शीर्ष नेतृत्व में किसी विभाजन से भी इनकार किया गया है।
तालिबान की यह सरकार 2021 से सत्ता में है
वर्ष 2021 में अमेरिकी सेना की वापसी के बाद से तालिबान ने अफगानिस्तान में कब्जा जमा लिया। अफगानिस्तान में कोई लोकतांत्रिक प्रक्रिया नहीं है, इसलिए सत्ता में बैठी सरकार का को कार्यकाल निर्धारित नहीं है। अमेरिकी सेना अफगानिस्तान से निकल जाने के बाद वहां सिर्फ उसका दूतावास है। अक्टूबर 2025 में अफगानिस्तान के विदेश मंत्री आमिर खान मुत्तकी ने भारत की राजधानी दिल्ली में विदेश मंत्री जयशंकर से मुलाकात की थी।
अफगानिस्तान और पाकिस्तान में बढ़ा था तनाव
वर्ष 2025 के आखिरी महिनों में अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच बॉर्डर पर तनाव बढ़ा था। पाकिस्तान ने अफगानिस्तान पर सीमा पार से आतंकियों को भेजने और आतंकी संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान को बढ़ावा देने का आरोप लगाया था।
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