Swami Avimukteshwaranand: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने विधानसभा में सीएम योगी आदित्यनाथ के ‘हर कोई शंकराचार्य नहीं बन सकता’ बयान पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि “नजीर है, आदित्यनाथ के ऊपर 40 से ज़्यादा मुक़दमे थे और जब वह मुख्यमंत्री बने तो सभी मुक़दमे अपने ऊपर से हटवा लिए। ये कैसा क़ानून का पालन है? ये क्या क़ानून में लिखा है कि अगर कोई भी व्यक्ति बड़े पद पर पहुंच जाएगा तो उसके ऊपर से सारे मुक़दमे हटा लिए जाएंगे? ये कहां लिखा है?”
अविमुक्तेश्वरानंद का सीएम पर कटाक्ष
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने सीएम योगी को लेकर कहा, “उत्तर प्रदेश की विधानसभा में खड़े होकर आपने ये कहा है कि मैं क़ानून का पालन करने वाला हूं। अगर आप क़ानून का पालन करने वाले हैं तो 45 केस और उनका कोर्ट में सामना करिए।”
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सपा चीफ अखिलेश ने भी दी है प्रतिक्रिया
सपा चीफ और लोकसभा सांसद अखिलेश यादव ने कहा, ‘शंकराचार्य जी पर दिया गया अभद्र बयान सदन में हमेशा के लिए दर्ज़ हो गया है। इस बयान को हम निंदनीय कहें तो निंदनीय शब्द को भी निंदनीय महसूस होगा’। उन्होंने कहा कि जो महाकुंभ की मौतों पर सच्चे आंकड़े नहीं बताते हैं, कैश में मुआवज़ा देकर उसमें भी भ्रष्टाचार का रास्ता निकाल लेते हैं। जिन तक मुआवज़ा नहीं पहुँचा, उनका पैसा कहाँ गया, ये नहीं बताते हैं। अपने ऊपर लगे मुक़दमे हटवाते हैं। वो किसी और के ‘धर्म-पद’ पर सवाल उठाने का नैतिक अधिकार नहीं रखते।
क्या कहा था सीएम योगी
विधानसभा में सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा, “आदि जगद्गुरु शंकराचार्य ने अनिवार्य किया है। जिस पीठ के लिए जो योग्य पात्र होगा, उसका मंत्र, उसका भाष्य, आज की भाषा में आप कह सकते हैं थीसिस, विद्वत परिषद द्वारा अनुमोदित होता है। उसके बाद अभिषेक और फिर उस परंपरा द्वारा उसे मान्यता दी जाती है। हर व्यक्ति शंकराचार्य नहीं बन सकता। हर व्यक्ति हर पीठ के आचार्य के रूप में जाकर यहां-वहां वातावरण खराब नहीं कर सकता।”
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