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10 हजार ही है इस देश की आबादी, लगातार होती कमी से खतरे में है अस्तित्व!

by | Jul 23, 2025 | Others, देश

Population: दुनिया की आबादी में तेजी से इजाफा हुआ है। हजारों साल के अंतराल में धरती पर इंसानों की आबादी एक अरब तक पहुंची थी, लेकिन फिर एक अरब से 8 अरब तक पहुंचने में सिर्फ 200 साल ही लगे। इतना ही नहीं, 1960 से अब तक दुनिया की आबादी 3 अरब से बढ़कर 8 अरब तक पहुंच गई है। इस जोरदार बढ़ोतरी के बाद भी कुछ देश ऐसे भी हैं, जहां इंसानों की संख्या में भारी कमी आ रही है। पश्चिम-मध्य प्रशांत महासागर के एक देश की आबादी महज 10 हजार ही है जिसका अस्तित्व भी अब खतरे में है।

साल 2011 में 7 अरब थी दुनिया की आबादी

दरअसल, साल 2011 में दुनिया की आबादी 7 अरब थी और सिर्फ 14 सालों में ही ये आंकड़ा एक अरब और बढ़ गया। संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक 2030 तक विश्व की आबादी 8.6 अरब हो जाएगी। उसके बाद 2050 तक ये आंकड़ा 9.8 अरब होगा और 2100 में यह 11.2 अरब हो जाएगी। हालांकि, यूक्रेन, जापान और ग्रीस जैसे कई देशों की आबादी में गिरावट दर्ज की गई है। यूक्रेन में तो 2002-23 में एक साल के अंदर ही आबादी में 8.10 फीसदी की गिरावट आई। इस कमी की वजह युद्ध में मौतों और बड़ी संख्या में देश से पलायन को माना जा रहा है।

10 हजार है इस देश की आबादी

इसके अलावा, तुवालु की आबादी में 1.80 प्रतिदिन की कमी आई है। इस देश की आबादी (Population) ही 10 हजार है, जो अब 9 हजार से थोड़ी ज्यादा ही रह गई है। अगर संख्या इसी तरह घटती रही तो वह लुप्त होने की कगार पर पहुंच जाएगी। ऑस्ट्रेलिया और हवाई के बीच का एक द्वीपीय देश है तुवालु। वहीं यूरोपीय देश ग्रीस की आबादी में भी कमी हो रही है और कुल 1.60 प्रतिशत की गिरावट एक दिन के अंदर ही दर्ज की गई है। वहीं, सैन मारिनो की आबादी 1.10 फीसदी कम हुई है। कोसोवो लैंडलॉक्ड की आबादी में भी 1 फीसदी गिरावट हुई। रूस के पड़ोसी देश बेलारूस की पॉपुलेशन में 0.60 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। बोस्निया और अलबानिया की आबादी भी इतनी ही कम हुई है।

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इस लिस्ट में अब जापान का नाम आता है। यहां की आबादी में भी आधे फीसदी की कमी दर्ज की गई है। जबकि अन्य देशों में पलायन और कम जन्मदर (Population) के चलते आबादी घट रही है, लेकिन जापान में इसका एकमात्र कारण जन्मदर में कमी है। हालात ऐसे हैं कि जापान में तमाम इंसेंटिव्स के ऐलान के बाद भी लोग बच्चे नहीं पैदा करने चाहते। यूक्रेन से तो बड़ी संख्या में लोग शरण के लिए दूसरे देशों में चले गए हैं। इसके अलावा युद्ध में भी अब तक हजारों लोग मारे जा चुके हैं। इस तरह यूक्रेन दुनिया में सबसे तेजी के साथ कम होती आबादी वाला देश बन गया है।

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