Bihar News : बिहार की राजनीति में एक बार फिर निर्णायक मोड़ आ गया है। एनडीए गठबंधन ने नई सरकार गठन के लगभग सभी अहम मुद्दों पर सहमति बना ली है, जिससे नीतीश कुमार का 10वीं बार मुख्यमंत्री बनने का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है।
जदयू और भाजपा की विधायक दल की बैठकें
बुधवार को सबसे पहले जदयू विधायक दल की बैठक होगी, जिसमें औपचारिक रूप से नीतीश कुमार को दल का नेता चुना जाएगा। इसके बाद भाजपा विधायक दल की बैठक होगी, और फिर राजग विधायक दल की संयुक्त बैठक में उन्हें राजग नेता घोषित किया जाएगा। गृह मंत्री अमित शाह भी इस बैठक में उपस्थित रहेंगे, जिससे इसकी राजनीतिक अहमियत और बढ़ जाती है।
मंत्रालयों का बंटवारा तय
नई सरकार की संरचना और मंत्रालयों के बंटवारे पर मंगलवार को दिल्ली में एक अहम बैठक हुई। जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा और केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने गृह मंत्री अमित शाह के साथ लगभग तीन घंटे तक चर्चा की। सूत्रों के मुताबिक, जदयू और भाजपा को नई सरकार में बराबर संख्या में मंत्री पद मिलेंगे।
पिछली सरकार की तरह विधानसभा अध्यक्ष (स्पीकर) का पद भाजपा के पास रहेगा। वरिष्ठ विधायक प्रेम कुमार का नाम इस पद के लिए लगभग तय माना जा रहा है।
शपथ ग्रहण समारोह 20 नवंबर को गांधी मैदान में
शपथ ग्रहण समारोह 20 नवंबर को गांधी मैदान में आयोजित होगा। नीतीश कुमार ने मंगलवार को स्थल का निरीक्षण किया और मंच निर्माण, वीवीआईपी व्यवस्था, सुरक्षा, यातायात नियंत्रण और भीड़ प्रबंधन का जायजा लिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कई राज्यों के मुख्यमंत्री और एनडीए के शीर्ष नेता इस भव्य कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे।
नई सरकार में मंत्री और महिलाओं की भागीदारी
जदयू सूत्रों के अनुसार नई सरकार में जदयू और भाजपा के 14-14 मंत्री होंगे। इसके अलावा लोजपा (रामा विलास) को तीन और एलजेपीआर व आरएलएम को एक-एक मंत्री पद मिलने की संभावना है।
इस बार मंत्रिमंडल में महिलाओं की भागीदारी को “एतिहासिक” बताया जा रहा है। दोनों बड़ी पार्टियों ने सहमति बनाई है कि कम से कम 6 से 8 महिलाएं कैबिनेट और राज्य मंत्री के रूप में शामिल होंगी।
डिप्टी सीएम और पर्यवेक्षक नियुक्ति
एनडीए ने तय किया है कि भाजपा के दो डिप्टी सीएम का फार्मूला पहले की तरह जारी रहेगा। किसे मौका मिलेगा, यह भाजपा विधायक दल की बैठक में तय होगा।
भाजपा संसदीय बोर्ड ने यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य को केंद्रीय पर्यवेक्षक, और केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल तथा पूर्व केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति को सह-पर्यवेक्षक नियुक्त किया है।
राजनीतिक स्थिरता के संकेत
10वीं बार मुख्यमंत्री बनने जा रहे नीतीश कुमार बिहार की राजनीति में केंद्रबिंदु बन गए हैं। एनडीए की रणनीतिक मजबूती, भाजपा–जदयू की बराबरी की भागीदारी, और केंद्र के शीर्ष नेतृत्व की सक्रियता यह संकेत देते हैं कि नई सरकार दीर्घकालिक स्थिरता के साथ आगे बढ़ने वाली है।

