Bihar Election 2025 : बिहार में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर एनडीए (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) में सीटों के बंटवारे पर बातचीत अब अपने आखिरी चरण में पहुंच गई है। भाजपा और जदयू ने कई पुराने नेताओं को फिर से टिकट देने का मन बना लिया है, लेकिन अभी तक इसकी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। उम्मीद है कि आज शाम तक सीट बंटवारे का ऐला कर दिया जाएगा।
इसी को लेकर दिल्ली में बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा के घर पर पार्टी की कोर कमेटी की बैठक हो रही है। इसमें गृह मंत्री अमित शाह, बिहार चुनाव प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान, राज्य मंत्री नित्यानंद राय और अन्य बड़े नेता शामिल हैं। बैठक में सीट बंटवारे और बाकी जरूरी चुनावी रणनीतियों पर चर्चा हो रही है।
एनडीए में चिराग पासवान और जीतन राम मांझी की मांगें
एनडीए के अंदर लगभग 95% सीटों पर सहमति बन चुकी है।
- भाजपा और जदयू दोनों 100 से ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं।
- एलजेपी (रामविलास) को 28 सीटें,
- हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) को 8 सीटें,
- और उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी को 5 सीटें देने की बात हो रही है।
लेकिन एलजेपी और हम पार्टी इससे संतुष्ट नहीं हैं।
- चिराग पासवान चाहते हैं कि उनकी पार्टी को कम से कम 35 सीटें मिलें।
- जीतन राम मांझी की मांग है कि उनकी पार्टी को 15 सीटें दी जाएं, क्योंकि वे राज्य स्तरीय पार्टी का दर्जा बनाए रखना चाहते हैं (इसके लिए कम से कम 8 विधायक होना जरूरी है)।
- वहीं, उपेंद्र कुशवाहा ने भी 24 सीटों की मांग की है।
इन सभी नेताओं ने अपनी मांगें भाजपा चुनाव प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान को बता दी हैं। हालांकि जदयू के नेता संजय झा का कहना है कि एनडीए में कोई टकराव नहीं है, सब एकजुट हैं और जल्द ही सीटों को लेकर फैसला हो जाएगा।
चिराग पासवान का बयान – “प्रधानमंत्री हैं तो सम्मान की चिंता नहीं”
एलजेपी (रामविलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान ने कहा कि एनडीए के साथ बातचीत अच्छी चल रही है और जल्द ही सीटों को लेकर घोषणा हो जाएगी। उन्होंने कहा कि वे हर मुद्दे पर विस्तार से बात कर रहे हैं ताकि बाद में कोई विवाद न हो। उन्होंने भरोसा जताया कि जब नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री हैं, तो उन्हें अपने सम्मान की कोई चिंता नहीं है।

