Sunetra Pawar: एनसीपी प्रमुख और महाराष्ट्र के उप-मुख्यमंत्री अजित पवार के निधन के बाद उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार ने शनिवार को महाराष्ट्र के लोकभवन में डिप्टी सीएम पद की शपथ ली। उन्हें पद की शपथ राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने दिलाई। इसके साथ ही सुनेत्रा पवार महाराष्ट्र में डिप्टी सीएम के पद पर काबिज़ होने वाली पहली महिला बन गई हैं। आइये जानते हैं, उनके सियासी सफर और पढ़ाई-लिखाई के बारे में।
डिप्टी सीएम सुनेत्रा का पॉलिटिकल बैकग्राउंड
सुनेत्रा पवार का जन्म 1963 में उस्मानाबाद (अब धाराशिव) में एक मराठी परिवार में हुआ था। उनके पिता बाजीराव पाटिल महाराष्ट्र के मजबूत नेता थे। वहीं, उनके भाई पदमसिंह बाजीराव पाटिल 1980 के दशक में महाराष्ट्र की राजनीति में सबसे ताकतवर नेताओं में से एक रहे। पदमसिंह कई बार विधायक रहने के साथ-साथ सांसद भी रहे। वे 80 के दशक में ही महाराष्ट्र के गृह मंत्री भी बने। सुनेत्रा के भाई पदमसिंह को महाराष्ट्र की राजनीति में दबंग छवि के नेता के तौर पर जाना जाता है। इसके बावजूद वह आमने-सामने की राजनीति से दूर ही रही।
सुनेत्रा के प्रयासों से काठेवाड़ी को मिला निर्मल ग्राम का दर्जा
अजित पवार परिवार से जुड़ने के बाद भी उन्होंने अपना ध्यान सामाजिक कार्यों में लगाया और बारामती के करीब पवार खानदान के पैतृक गांव काठेवाड़ी में कई कार्य कराए। खासकर साफ-सफाई को लेकर। उनके कार्यों की वजह से 2006 में काठेवाड़ी को निर्मल ग्राम का दर्जा दिया गया और घोषित किया गया कि यह गांव खुले में शौच से मुक्त हो गया है। इतना ही नहीं सुनेत्रा ने 2008 में बारामती में हाईटेक टेक्सटाइल पार्क बनवाने में भी अहम भूमिका निभाई। 65 एकड़ के इस पार्क को केंद्र की टेक्सटाइल पार्क स्कीम के जरिए स्थापित कराया गया और मौजूदा समय में यहां 15 हजार लोगों को नौकरी मिली है। इनमें से अधिकतर महिलाएं हैं, जो कपड़ा उद्योग, सिलाई, बुनाई और कढ़ाई में काम कर रही हैं।
क्या है अजित पवार से शादी की कहानी
सुनेत्रा पवार के 1983 में ग्रैजुएशन पूरा करने के बाद 1985 में उनकी शादी अजित पवार से हुई। इस रिश्ते के पीछे की कहानी भी कम दिलचस्प नहीं है। दरअसल, पदमसिंह उस दौरान महाराष्ट्र की राजनीति के बड़े नेताओं में से थे। वहीं, शरद पवार भी अपनी अलग पहचान स्थापित कर चुके थे। दोनों ही नेताओं में अच्छी दोस्ती थी। यही दोस्ती बाद में रिश्ते में बदली, जब पदमसिंह ने बहन सुनेत्रा का रिश्ता शरद पवार के भतीजे अजित से तय कर दिया। अजित और सुनेत्रा पवार के दो बेटे हुए। बड़े बेटे का नाम पार्थ पवार और छोटे बेटे जय हैं।
औरंगाबाद में बी.कॉम किया है
सुनेत्रा पवार की शैक्षणिक पृष्ठभूमि मजबूत मानी जाती है। उन्होंने अप्रैल 1983 में एस.बी. आर्ट्स एंड कॉमर्स कॉलेज, औरंगाबाद से बी.कॉम की डिग्री हासिल की। यह कॉलेज डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर मराठवाड़ा विश्वविद्यालय से संबद्ध है। उनकी शिक्षा ने प्रशासन, वित्त और संगठनात्मक कामकाज को समझने में अहम भूमिका निभाई।
सामाजिक एवं पर्यावरणीय कार्यों में रही हैं एक्टिव
राजनीति के अलावा सुनेत्रा पवार सामाजिक और पर्यावरणीय कार्यों में सक्रिय रही हैं। वे Environmental Forum of India से जुड़ी रही हैं, जो जल संरक्षण, पर्यावरण जागरूकता और सतत विकास जैसे मुद्दों पर काम करता है। उनके काम को तात्कालिक राजनीतिक लाभ के बजाय दीर्घकालिक सामाजिक और पर्यावरणीय हितों पर केंद्रित माना जाता है।
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