होम = Others = खामेनेई ने चुन लिया अपना उत्तराधिकारी! सामने आया नाम

खामेनेई ने चुन लिया अपना उत्तराधिकारी! सामने आया नाम

by | Jun 21, 2025 | Others

Iran-Israel War: ईरान-इजरायल के बीच संघर्ष लगाातार जारी है। एक तरफ जहां इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद की तरफ से लगातार टारगेट किलिंग जारी है, तो वहीं ईरान भी पूरी आक्रामकता के साथ इजरायल पर हमले कर रहा है। इसी बीच ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई ने एक बड़ा फैसला किया है। सुप्रीम लीडर ने न सिर्फ अपना उत्तराधिकारी तय कर लिया है, बल्कि उत्तराधिकारी के लिए लोगों के नाम भी दिए गए हैं। इन्हीं में से एक को ईरान का अगला सुप्रीम लीडर बनाया जाएगा।

अधिकारियों ने दी जानकारी

ईरानी अधिकारियों की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक उत्तराधिकारी के लिए नाम चुने गए हैं, हालांकि ये नहीं बताया गया है कि ये नाम कौन हैं। जिसके बाद से लोगों में इस बात को जानने की लालसा है कि आखिर खामेनेई का उत्तराधिकारी कौन होगा?

अलीरेजा अराफी

इनमें पहला नाम है अलीरेजा अराफी का है। इनकी गिनती खामेनेई के करीबियों में होती है, जो कि नई तकनीक अपनाने के हिमायती हैं। वो कोम सेमिनरी के प्रमुख और असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स के एक महत्वपूर्ण सदस्य भी हैं। अलीरेजा की धार्मिक योग्यता और खामेनेई के करीबी होने के कारण उन्हें संभावित उत्तराधिकारी के रूप में देखा जाता है।

अली असगर हेजाजी

वहीं, दूसरा नाम अली असगर हेजाजी का है। जो राजनीतिक सुरक्षा मामलों के मंत्री के साथ-साथ ईरानी खुफिया विभाग के प्रमुख भी हैं। उनकी पर्दे के पीछे की प्रभावशाली भूमिका और रणनीतिक निर्णय लेने में भागीदारी उन्हें संभावित उम्मीदवार बनाती है.

हासिम हुसैनी बुशहरी

जबकि, इस लिस्ट में अगला नाम हासिम हुसैनी बुशहरी का है। जिन्होंने प्रमुख धर्मगुरु के तौर पर अपनी पहचान बनाई है और विशेषज्ञ सभा के पहले उप-प्रधान हैं। वह भी ईरान के अगले सुप्रीम लीडर बन सकते हैं।

अली अकबर वेलायती

वहीं, अली अकबर वेलायती ईरान के विदेश मंत्री रह चुके हैं, अमेरिका से परमाणु प्रोग्राम पर बात में शामिल हैं। उनको भी इस दौड़ में शामिल माना जा रहा है।

ईरान के टॉप कमांडरों की टारगेट किलिंग

बता दें कि इजरायल ने 13 जून को अपने हमले के बाद से ईरान के करीब 30 टॉप कमांडर और नेताओं को मार गिराया है। जिसके बाद खामेनेई को इस बात डर हो सकता है कि इन तीन मौलवियों के नाम सामने आने के बाद इजरायल उनके पदभार संभालने से पहले ही उनकी हत्या करा सकता है।