Iran protests: शुक्रवार-शनिवार की रात ईरान से वापस आए भारतीय नागरिकों ने मीडिया से बात करते हुए ईरान के हालात के बारे में बताया है। मेडिकल की एक छात्रा ने बताया कि वहां पर इंटरनेट नहीं था, इसलिए क्या कुछ हुआ उसकी जानकारी नहीं है। उन्होंने बताया कि जहां वह रह रहीं थीं, वहां उन्हें विरोध प्रदर्शनों के बारे में सुनने को मिला, लेकिन उन्होंने प्रदर्शन नहीं देखे। साथ ही छात्रा ने बताया कि वह खुद से आई है।
उच्चायोग की मदद पर क्या बोले भारतीय
ईरान से वापस लौटे भारतीयों ने केंद्र सरकार की सहायता पर कहा कि आने के दौरान पूरी मदद मिली है। एक नागरिक ने कहा कि ईरान में भारतीय उच्चायोग ने भी हमारी सुरक्षा में मदद की। वहीं, भारत लौटने वाले एक अन्य व्यक्ति ने बताया कि तेहरान में अब हालात ठीक हो चुके हैं और प्रदर्शनकारियों की संख्या कम हो गई है। शब्बीर जम्मू-कश्मीर के रहने वाले हैं।
ईरान में विरोध प्रदर्शन क्यों हो रहे
ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शन 28 दिसंबर को शुरू हुए थे। उस दिन तेहरान में स्थानीय व्यापारी अमेरिकी डॉलर के मुक़ाबले ईरानी मुद्रा रियाल की क़ीमत में एक और बड़ी गिरावट के ख़िलाफ़ सड़कों पर उतर आए थे। इस दौरान लोगों ने विरोध करते हुए ईरान में कट्टरपंथी सरकार को हटाने की मांग भी की। प्रदर्शन में अब हजारों लोगों के मरने के दावे किए जा रहे हैं।
अमेरिका ने दी थी ईरान को गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी
ईरान में प्रदर्शनकारियों की हत्या की खबरों पर अमेरिका ने ईरान को चेताया था। उसके बावजूद हत्याओं का सिलसिला और दमनकारी नीतिया जारी रही। इस अमेरिका ने ईरान के लोगों की मदद का ऐलान करते हुए ईरान को गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी।
ये भी पढ़ें: BMC चुनाव में मिली जीत पर PM मोदी ने सुशासन के एजेंडे को दिया आशीर्वाद, कहा- महाराष्ट्र का धन्यवाद

