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नोएडा में डॉगी टेरर! 31 मोहल्ले बने हॉटस्पॉट, स्वास्थ्य विभाग का अलर्ट जारी

by | Jul 19, 2025 | Others

Noida Dog Attack : शहर में कुत्ते काटने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। बढ़ते मामलों के देखते हुए अब स्वास्थ्य विभाग ने जिले के निवासियों के लिए एक गंभीर चेतावनी जारी की है। स्वास्थ्य विभाग ने जिले के सेक्टर-130, सेक्टर-110, नंगली-वाजिदपुर, बिसरख, दुजाना और अच्छेजा सहित 31 क्षेत्रों को आवारा कुत्तों के हमलों के हॉटस्पॉट घोषित किया है। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इन इलाकों में निवासियों को घर से निकलते समय विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। आइए जानते हैं कि विभाग ने इसके बारे में क्या डीटेल दी है।

छह महीनों के आंकड़ों ने किया खुलासा

जानकारी के मुताबिक, स्वास्थ्य विभाग ने 2025 की शुरुआत के छह महीनों के दौरान हुए कुत्तों के हमलों के आंकड़ों के आधार पर यह चिंताजनक रिपोर्ट तैयार की है। आंकड़े बताते हैं कि पिछले साल की तुलना में हॉटस्पॉट की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। 2024 में जहां सदरपुर कॉलोनी (सेक्टर-45), जेजे कॉलोनी (सेक्टर-8,9), खोड़ा, हरौला (सेक्टर-5) और कुछ ग्रामीण क्षेत्र शामिल थे, वहीं अब यह संख्या बढ़कर 31 तक पहुंच गई है।

इन इलाकों के भी हॉटस्पॉट घोषित किया

विभाग के आंकड़ों के अनुसार, भंगेल स्वास्थ्य केंद्र के अंतर्गत सेक्टर-130, सेक्टर-110 और नंगली-वाजिदपुर गांव प्रमुख हॉटस्पॉट हैं। बिसरख स्वास्थ्य केंद्र क्षेत्र में विलेज बिसरख, हल्दौनी, नंगला-चरनदास, दुजाना, अच्छेजा, पलवारी, सदरपुर, बरौला, जेजे कॉलोनी सेक्टर-8-9, सेक्टर-5 हरौला, पतवाड़ी, छपरौला, कुलेसरा, बरौला और मिर्जापुर शामिल हैं। वहीं, ग्रेटर नोएडा की बात करें तो दनकौर स्वास्थ्य केंद्र के अंतर्गत ओमीक्रान 1,2,3, डाढा, कासना, अट्टा फतेहपुर, जलपुरा, खरेली हाफिजपुर, उस्मानपुर व कनारसी जबकि जेवर सीएचसी में मोहल्ला व्यापारान, जहांगीरपुर, रबूपुरा, फलैदा और थोरा को हॉटस्पॉट के रूप में घोषित किया गया है।

शहर में केवल एक सेंटर

स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पूरे शहर में केवल एक एनीमल बर्थ कंट्रोल सेंटर संचालित है। यहां प्रतिदिन केवल 30 कुत्तों की नसबंदी की जा सकती है, जबकि पिछले पांच वर्षों में 36 हजार से अधिक आवारा कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण किया गया है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी बताते हैं कि रिपोर्ट तैयार होने के बाद नोएडा प्राधिकरण और एनीमल बर्थ कंट्रोल सेंटर की टीमों को संबंधित क्षेत्रों में भेजा जाता है। इन टीमों का मुख्य काम आवारा कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण करना है।

क्या बोले सीएमओ-

उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. टीकम सिंह ने इस मुद्दे पर प्रकाश डालते हुए कहा, “इन इलाकों में कुत्तों के काटने के मामले अधिक आते हैं, जिस आधार पर हॉटस्पॉट चिह्नित किए गए हैं। हम सभी क्षेत्रों में निरंतर निगरानी कर रहे हैं। पीड़ितों को एंटी रेबीज वैक्सीन जिला अस्पताल और स्वास्थ्य केंद्रों पर उपलब्ध कराई जा रही है। प्राधिकरण और सीवीओ के साथ मिलकर इन घटनाओं पर नियंत्रण पाने के लिए समन्वित कार्रवाई की जा रही है।”

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