Indigo Crisis Update: इंडिगो में लगातार बने संकट को लेकर इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार और डीजीसीए से बेहद कड़े सवाल किए थे। अदालत ने साफ पूछा था कि हालात इस स्तर तक कैसे पहुंचे और इसकी जिम्मेदारी किसकी है। फिलहाल इंडिगो से जुड़ा यह संकट अब तक खत्म नहीं हुआ है। इसी मामले पर बुधवार को दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को फटकार भी लगाई। ऐसे में अब इंडिगो पर नियामक एजेंसियों की सख्ती लगातार बढ़ती जा रही है।
डीजीसीए ने इंडिगो के कामकाज पर सीधी निगरानी के लिए उसके कॉरपोरेट कार्यालय में अपने अधिकारियों को तैनात कर दिया है। जानकारी के अनुसार, डीजीसीए की ओर से गठित आठ सदस्यीय ओवरसाइट टीम अब एयरलाइन के संचालन पर नजर रखेगी। इस टीम के दो अधिकारी रोजाना इंडिगो के कॉरपोरेट दफ्तर में मौजूद रहेंगे। डीजीसीए के अफसर अब व्यक्तिगत रूप से इंडिगो के संचालन की मॉनिटरिंग करेंगे।
इंडिगो के कॉरपोरेट ऑफिस में डीजीसीए की सीधी एंट्री
डीजीसीए अधिकारी कॉरपोरेट ऑफिस में रहकर विमानों की उपलब्धता और उनकी स्थिति से लेकर पायलटों की संख्या, क्रू की उपलब्धता, कामकाजी घंटे और स्टैंडबाय क्रू से जुड़ी पूरी जानकारी की सीधी समीक्षा करेंगे। इसके अलावा, गुरुग्राम स्थित इंडिगो मुख्यालय में पहले से मौजूद डीजीसीए की निगरानी टीम के साथ दो और अधिकारियों को तैनात किया गया है।
इन अतिरिक्त अधिकारियों में ऐश्वीर सिंह (डिप्टी डायरेक्टर) और मणि भूषण (सीनियर स्टैटिस्टिकल ऑफिसर) शामिल हैं। ये अधिकारी रोजाना कई अहम बिंदुओं पर नजर रखेंगे, जिनमें घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की रद्दीकरण स्थिति, यात्रियों को मिलने वाले रिफंड की प्रक्रिया (एयरलाइन, ओटीए और ट्रैवल एजेंट्स के जरिए), ऑन-टाइम परफॉर्मेंस, डीजीसीए के CAR नियमों के तहत मुआवजे का भुगतान और यात्रियों के सामान की वापसी की स्थिति शामिल है।
इन दोनों निगरानी टीमों को रोजाना शाम छह बजे तक अपनी रिपोर्ट डीजीसीए को सौंपना अनिवार्य होगा।
कौन हैं ओवरसाइट टीम के सदस्य और क्या-क्या होगी उनकी रोजाना जांच
उधर, आठ सदस्यीय ओवरसाइट टीम में कैप्टन कपिल मंगलिक, कैप्टन वी.पी. सिंह, कैप्टन अपूर्वा अग्रवाल, कैप्टन स्वाति लूम्बा, कैप्टन अमन सुहाग, कैप्टन नित्या जैन और कैप्टन एन.जे. सिंह को शामिल किया गया है। इनमें से दो अधिकारियों को रोजाना गुरुग्राम स्थित इंडिगो के कॉरपोरेट कार्यालय में तैनात किया जाएगा।
ये अधिकारी इंडिगो की कुल फ्लीट, प्रति उड़ान औसत दूरी, कुल पायलटों की संख्या, उड़ान नेटवर्क, क्रू के कार्य घंटे, डेड हेडिंग, ट्रेनिंग में लगे क्रू, स्प्लिट ड्यूटी, अनियोजित छुट्टियां, प्रतिदिन की कुल उड़ानें, उपलब्ध स्टैंडबाय क्रू और क्रू की कमी से प्रभावित सेक्टर्स जैसी जानकारियों की गहन जांच करेंगे।
इन सभी आंकड़ों की रोजाना समीक्षा की जाएगी और इसकी रिपोर्ट शाम छह बजे तक डीजीसीए को सौंपना अनिवार्य होगा। इससे पहले बुधवार को इंडिगो संकट को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार से सवाल किया था कि जब एयरलाइन का संचालन प्रभावित हुआ था, तब सरकार ने क्या कदम उठाए थे।

