Manikarnika Ghat Demolition: वाराणसी स्थित मणिकर्णिका घाट पर हो रही तोड़फोड़ की कार्रवाई को लेकर उत्तर प्रदेश में विपक्षी दलों ने सरकार के प्रति नाराजगी जताई है। वहीं, इस पर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सर्किट हाउस में प्रेस कॉन्फ्रेस की। गौरतलब है, मणिकर्णिका के पास जलासेन घाट पर कॉरिडोर का एंट्री पॉइंट बनाया जा रहा है। मणिकर्णिका घाट को नया रूप देने के लिए लगभग चार दिन पहले एक पत्थर का चबूतरा तोड़ा गया, जिसमें राजमाता अहिल्याबाई होल्कर की प्रतिमा, एक शिवलिंग और एक अन्य मूर्ति को निकाल कर मलबे में रख दिया गया। इससे अहिल्याबाई होलकर से जुड़े समिति के लोगों ने मध्य प्रदेश और बनारस में विरोध शुरू कर दिया, जिसके बाद अब बीजेपी के नेता और प्रदेश सरकार के मंत्री अपना पक्ष रख रहे हैं।
सीएम योगी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा
सीएम योगी ने वाराणसी के सर्किट हाउस में प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ‘काशी अविनाशी है। काशी के प्रति हर भारतवासी अपार श्रद्धा का भाव रखता है, लेकिन स्वतंत्र भारत में काशी को जो सम्मान मिलना चाहिए था। उस समग्र विकास के कार्यक्रम को वो महत्व नहीं मिला जो आजादी के तत्काल बाद प्राप्त होना चाहिए था। पिछले 11-11.5 साल के अंदर काशी एक बार फिर से अपने आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण करते हुए उनका संवर्धन भी कर रहा है और भौतिक विकास के कार्यों के माध्यम से नई ऊंचाई को भी प्राप्त कर रहा है… ये हमारा सौभाग्य है कि काशी का प्रतिनिधित्व देश की संसद में प्रधानमंत्री मोदी करते हैं।
मामले में यूपी कांग्रेस ने क्या कहा
यूपी कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने बीजेपी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बीजेपी नास्तिक है और मूर्ति का महत्व सिर्फ काशी और कांग्रेस के लोग ही जानते हैं।
विधायक नीलकंठ ने क्या कहा
वाराणसी दक्षिण विधानसभा क्षेत्र से विधायक नीलकंठ तिवारी मौके पर पहुंचे और आश्वासन दिया कि जो भी चीज टूटी है या मूर्तियां हटाई गई हैं, उन्हें संरक्षित रखा गया है. उनका नव निर्माण के साथ ही पुन: स्थापना करके पूजित किया जाएगा।
ठेकेदार पर होगी कार्रवाई
राज्य मंत्री रविंद्र जायसवाल ने कहा, जिस तरह से लोग अपने घर के दरवाजे पर गणेश जी की प्रतिमा लगाते हैं, तो उसे हम मंदिर नहीं मान सकते। इस तरह काशी में जगह-जगह पर ऐसी पत्थर की मनिया बनी हैं जो घाटों पर है. जिसका इस्तेमाल लोग बैठने और योग इत्यादि के लिए करते हैं। वहां किसी ने यह मूर्ति लगा दी, तो हम उसे मंदिर नहीं कहेंगे। हां गलती हुई, ठेकेदार ने रेनोवेशन के दौरान इस पर ध्यान नहीं दिया और इसे तोड़ दिया। हम इसे ठीक करवाएंगे।
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