Budget 2026 : केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में यूनियन बजट 2026-27 पेश करते हुए इनकम टैक्स और आर्थिक सुधारों से जुड़े कई अहम ऐलान किए। उन्होंने कहा कि नया इनकम टैक्स एक्ट 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा, जो पुराने और जटिल इनकम टैक्स एक्ट 1961 की जगह लेगा। इस कदम से टैक्सपेयर्स को सरलता और अधिक तैयारी का समय मिलेगा। नए नियम और फॉर्म जल्द ही नोटिफाई किए जाएंगे।
केंद्रीय कैबिनेट और राष्ट्रपति से मुलाकात
बजट पेश करने से पहले केंद्रीय कैबिनेट ने बजट पर अपनी मंजूरी दे दी। इसके बाद वित्त मंत्री ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। इस बजट के साथ ही निर्मला सीतारमण नौवीं बार बजट पेश करने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लेंगी, जिसमें एक अंतरिम बजट भी शामिल है। बजट में मध्यम वर्ग को महंगाई से राहत और व्यापारी वर्ग को टैक्स कम होने की उम्मीद है।
बजट का पेश करने का तरीका
पिछले चार वर्षों की तरह इस साल भी बजट कागज रहित (Digital) रूप में पेश किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि साल 2019 में जब उन्होंने पहला बजट पेश किया था, तब लाल कपड़े में लिपटा पारंपरिक बही खाता लेकर संसद पहुंचीं थीं, जो चमड़े के ब्रीफकेस की जगह था। 2017 के बाद से बजट पेश करने की परंपरा 1 फरवरी को ही रहती है।
Budget 2026 का कार्यक्रम
सुबह 10.15 बजे केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक होगी, जिसमें आम बजट को मंजूरी दी जाएगी।
इसके बाद वित्त मंत्री राष्ट्रपति भवन जाकर राष्ट्रपति को बजट पेश किए जाने की जानकारी देंगी।
सुबह करीब 11 बजे संसद में बजट पेश किया जाएगा।
लोकसभा में बजट भाषण पढ़ने के कुछ देर बाद इसे राज्यसभा के पटल पर रखा जाएगा।
संसद का मौजूदा बजट सत्र 28 जनवरी से शुरू हुआ है।
पहला चरण 13 फरवरी तक चलेगा, जबकि दूसरा चरण 9 मार्च से शुरू होगा।
बजट सत्र 2 अप्रैल को समाप्त होगा।
बजट 2026 से उम्मीदें
आर्थिक समीक्षा के अनुसार वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भारत की वृद्धि दर अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के अनुमानों से बेहतर रहने की संभावना है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने 6.4 प्रतिशत, जबकि विश्व बैंक और एशियाई विकास बैंक (ADB) ने 6.5 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान जताया है। संसद में पेश की गई आर्थिक समीक्षा में 2025-26 की संभावित वृद्धि दर को तीन साल पहले अनुमानित 6.5 प्रतिशत से बढ़ाकर 7 प्रतिशत कर दिया गया है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि नया इनकम टैक्स एक्ट और आर्थिक सुधारों का उद्देश्य न केवल आम नागरिकों को राहत देना है, बल्कि देश की आर्थिक स्थिरता और निवेश के लिए बेहतर माहौल तैयार करना भी है। इस बजट में मध्यम वर्ग, व्यापारियों और युवाओं के हितों को ध्यान में रखा गया है।
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