Bihar Election 2025 : भारतीय जनता पार्टी (BJP) को एक बड़ा राजनीतिक झटका लगा है, जिससे पार्टी के अंदर और बाहर हलचल तेज हो गई है। बिहार के दरभंगा जिले की अलीनगर विधानसभा सीट से भाजपा विधायक मिश्रीलाल यादव ने पार्टी से इस्तीफा देने को कहा है। उन्होंने पार्टी संचालन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा अब पिछड़े लोगों का सम्मान नहीं करती। पार्टी का शीर्ष नेतृत्व घमंड में चूर हो गया है। जमीनी कार्यकर्ताओं की बात न तो सुनी जा रही है और न ही कोई फीडबैक लिया जा रहा है। इस बात जनता इन्हें सबक सिखाकर रहेगी।
मिश्रीलाल यादव ने पत्रकारों से बात करते हुए बताया कि अलीनगर में पिछले 30 सालों से एनडीए का विधायक नहीं रहा। लेकिन, 2020 में मैंने वहां भाजपा का परचम लहराया। इसके बावजूद पार्टी ने मेरा अपमान किया है। भाजपा में मेरे स्वाभिमान की कोई कद्र नहीं है। मुझे लगातार प्रताड़ित किया गया। अब ऐसे दल में रहना मेरे जैसे स्वाभिमानी व्यक्ति के लिए संभव नहीं है।
मैं चुनाव लड़ूंगा और जीतूंगा भी – मिश्रीलाल यादव
मिश्रीलाल यादव ने कहा कि वो आने वाले चुनाव में ज़रूर हिस्सा लेंगे और जीत भी हासिल करेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि वे अपनी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष को इस्तीफा देने जा रहे हैं।
उन्होंने साफ कहा कि वे अलीनगर विधानसभा क्षेत्र से हर हाल में चुनाव लड़ेंगे, चाहे किसी भी पार्टी से क्यों न लड़ना पड़े। अभी उन्होंने यह नहीं बताया कि वे किस पार्टी में शामिल होंगे। उनका कहना है कि वे एक सेकुलर (धर्मनिरपेक्ष) सोच रखने वाले इंसान हैं, इसलिए हो सकता है कि किसी सेकुलर पार्टी में जाएं, लेकिन अभी फैसला नहीं लिया है।
जेल भी जाना पड़ा था
आपको बता दें कि मिश्रीलाल यादव दरभंगा जिले की अलीनगर सीट से बीजेपी के विधायक हैं। उन्हें एक पुराने मारपीट के केस में 27 मई को अदालत ने दो साल की सजा सुनाई थी, जिसके बाद उन्हें जेल जाना पड़ा। इसी वजह से 20 जून को उनकी विधानसभा की सदस्यता खत्म कर दी गई थी।
हालांकि, बाद में उन्हें हाईकोर्ट से जमानत मिल गई और 18 जुलाई को हाईकोर्ट ने उनकी सदस्यता बहाल करने का आदेश दे दिया। 23 जुलाई को वे फिर से विधायक बन गए।
पहले वीआईपी पार्टी से थे
मिश्रीलाल यादव ने 2020 का विधानसभा चुनाव विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) से लड़ा था, जो उस समय एनडीए गठबंधन में थी। 2022 में वीआईपी पार्टी टूट गई और उसके तीन विधायक बीजेपी में शामिल हो गए, जिनमें मिश्रीलाल भी थे।

