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बड़ी खुशखबरी! ग्रेटर नोएडा को मिली मेट्रो की सौगात, 416 करोड़ की परियोजना को केंद्र की मंजूरी

by | Jul 25, 2025 | नोएडा

Metro in Greater Noida : लंबे इंतजार के बाद आखिरकार ग्रेटर नोएडा के लाखों निवासियों का सपना साकार होने जा रहा है। केंद्रीय शहरी विकास और आवास मंत्रालय ने उस मेट्रो विस्तार परियोजना को हरी झंडी दे दी है, जिसकी मांग वर्षों से की जा रही थी। ग्रेटर नोएडा डिपो से बोड़ाकी तक का यह सुनहरा रूट अब जल्द ही हकीकत बनने वाला है। यह सिर्फ एक मेट्रो लाइन नहीं, बल्कि ग्रेटर नोएडा के भविष्य को बदलने वाला गेम चेंजर है।

500 करोड़ की परियोजना को केंद्र की मंजूरी का इंतजार

जानकारी के लिए आपको बता दें कि सेक्टर 51 स्थित डिपो से शुरू होकर जुनपत होते हुए बोड़ाकी तक फैले इस 2.6 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड रूट पर दो अत्याधुनिक स्टेशन बनाए जाएंगे। लेकिन असली दिलचस्प बात यह है कि बोड़ाकी स्टेशन को सिर्फ एक मेट्रो स्टेशन के रूप में नहीं, बल्कि एक विशाल मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब के रूप में तैयार किया जाएगा। इस रूट के निर्माण पर करीब 416 करोड़ रुपये खर्च का अनुमान है। परियोजना की लागत 500 करोड़ रुपये से कम है। इसलिए इसे कैबिनेट की मंजूरी की जरूरत नहीं है।

NMRC आरएफपी जारी करने की तैयारी में

कल्पना कीजिए एक ऐसी जगह की, जहां ट्रेन, मेट्रो, बस, होटल और स्थानीय परिवहन – सब कुछ एक ही छत के नीचे मिल जाए। यही तो है बोड़ाकी का भविष्य! यह हब न केवल यात्रियों की सुविधा बढ़ाएगा, बल्कि इस क्षेत्र को एक प्रमुख ट्रांजिट पॉइंट के रूप में स्थापित करेगा। परियोजना की सबसे दिलचस्प बात यह है कि इसकी 416 करोड़ रुपये की लागत 500 करोड़ की सीमा से कम है, जिसके कारण इसे कैबिनेट की मंजूरी का इंतजार नहीं करना पड़ा। यह प्रशासनिक चतुराई काम को तेजी से आगे बढ़ाने में मदद करेगी। नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन अब डिजाइन कंसल्टेंट की नियुक्ति के लिए आरएफपी जारी करने की तैयारी में है।

लाखों लोगों का सपना होगा पूरा

सरकार का महत्वाकांक्षी लक्ष्य 2031 तक इस रूट पर मेट्रो को दौड़ाना है। यह केवल एक अकेली परियोजना नहीं है – बॉटेनिकल गार्डन से सेक्टर-142 तक का विस्तार भी पाइपलाइन में है। दोनों परियोजनाओं की डीपीआर पहले से ही सरकारी मेजों पर मौजूद है। यह विकास सिर्फ कंक्रीट और स्टील की कहानी नहीं है। यह उन हजारों लोगों के सपनों की कहानी है जो रोज ट्रैफिक जाम में फंसकर घंटों बर्बाद करते हैं। यह उन परिवारों की राहत की कहानी है जिन्हें दिल्ली या नोएडा जाने के लिए लंबे और थकाऊ सफर करने पड़ते हैं। जब यह मेट्रो लाइन चालू होगी, तो ग्रेटर नोएडा से राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र का सफर न केवल आसान हो जाएगा, बल्कि समय और ऊर्जा दोनों की बचत होगी।

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