INDIA-US TRade Deal: भारत-अमेरिका ट्रेड डील के बाद अब व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट का बयान आया है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच बातचीत के बाद भारत रूसी तेल की खरीद बंद करने जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत वेनेजुएला से तेल खरीद सकता है, जो उनके अनुसार अमेरिकी श्रमिकों और उद्योगों के लिए फायदेमंद होगा। वर्तमान में वेनेजुएला के तेल व्यापार को वाशिंगटन ही संभाल रहा है।
रूस से तेल खरीद पर भारत ने साधी हुई है चुप्पी
भारत ने अमेरिका की रूस से तेल नहीं खरीदने वाली घोषणा पर न तो अब तक मुहर लगाई है और न ही ख़ारिज किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, फ़रवरी 2022 में रूस ने यूक्रेन पर हमला किया था और अब भी जंग ख़त्म नहीं हुई है। जंग शुरू होने के बाद भारत और रूस के द्विपक्षीय व्यापार में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई है। वित्त वर्ष 2024-25 में रूस और भारत का द्विपक्षीय व्यापार 68.7 अरब डॉलर हो गया था लेकिन इसमें 52.73 अरब डॉलर का कच्चा तेल भारत ने रूस से ख़रीदा था।
पिछले महीने पेट्रोलियम मंत्री ने क्या कहा था
भारत के पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी ने पिछले महीने कहा था कि रूस से कच्चे तेल के आयात में गिरावट जारी रहने की उम्मीद है। भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा ईंधन ख़रीदार है। हरदीप पुरी ने कहा था कि भारत तेल आपूर्तिकर्ता देशों में विविधता ला रहा है। हरदीप पुरी भले रूसी तेल आयात में कटौती के लिए अमेरिकी दबाव का ज़िक्र नहीं कर रहे हैं लेकिन ट्रंप खुलेआम कह रहे हैं कि उन्होंने भारत को रोका है।
नायरा कंपनी खरीद रही है रूसी तेल
रूस से आयात हो रहे तेल का बड़ा नायरा कंपनी को जा रहा है। यह कपंनी रूसी कंपनी रोसनेफ्ट के स्वामित्व में है, जिसके अपने हिस्से को बेचने की योजनाएं ठप पड़ती दिख रही हैं। वहीं, सरकारी कंपनी इंडियन ऑयल की बात करे तो वह रूस के तेल को कम करे या शायद शून्य तक ले आए। पर माना जा रहा है कि रूसी तेल आयात का दरवाज़ा भारत पूरी तरह बंद नहीं करना चाहेगा।
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