Budget 2026: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में यूनियन बजट 2026-27 पेश करते हुए देश की आर्थिक स्थिति, नीतिगत फैसलों और सरकार की विकास रणनीति का विस्तार से खाका रखा। बजट भाषण के दौरान उन्होंने कहा कि भारत की आर्थिक दिशा स्पष्ट, स्थिर और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर तय की गई है। सरकार ने तात्कालिक लोकलुभावन फैसलों से दूरी बनाते हुए दीर्घकालिक सुधारों और आम नागरिकों के हित को प्राथमिकता दी है।
घरेलू विनिर्माण पर सरकार का जोर
वित्त मंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि बीते वर्षों में घरेलू विनिर्माण क्षमता को मजबूत करने के लिए ठोस कदम उठाए गए हैं। ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ जैसी पहलों ने देश को आयात पर निर्भरता से बाहर निकालने की दिशा में अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने बताया कि सरकार की नीतियों के चलते कई क्षेत्रों में उत्पादन बढ़ा है और रोजगार के नए अवसर भी सृजित हुए हैं।
ऊर्जा सुरक्षा को लेकर निर्णायक कदम
निर्मला सीतारमण ने कहा कि भारत की ऊर्जा सुरक्षा को सुदृढ़ करना सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में रहा है। नवीकरणीय ऊर्जा, वैकल्पिक ईंधन और घरेलू संसाधनों के बेहतर उपयोग पर फोकस किया गया है। इसके परिणामस्वरूप भारत न केवल अपनी ऊर्जा जरूरतों को बेहतर ढंग से पूरा कर पा रहा है, बल्कि वैश्विक ऊर्जा संकट के दौर में भी स्थिर बना हुआ है।
लोकलुभावनवाद से दूरी, आम जनता पर फोकस
वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार ने आसान लेकिन अल्पकालिक लोकलुभावन फैसलों के बजाय आम लोगों के जीवन को बेहतर बनाने वाली नीतियों को अपनाया है। उन्होंने कहा कि आर्थिक सुधारों का उद्देश्य केवल आंकड़े सुधारना नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग तक विकास का लाभ पहुंचाना है। सरकार ने सब्सिडी, कल्याणकारी योजनाओं और बुनियादी ढांचे के विकास में संतुलित दृष्टिकोण अपनाया है।
बयानबाज़ी नहीं, सुधारों की राजनीति
अपने भाषण में निर्मला सीतारमण ने कहा कि मोदी सरकार ने केवल घोषणाओं तक सीमित रहने के बजाय ठोस सुधारों को लागू किया है। कर व्यवस्था में बदलाव, डिजिटल अर्थव्यवस्था को बढ़ावा, और वित्तीय समावेशन जैसे कदम इसी दिशा में उठाए गए हैं। सरकार ने असमंजस की स्थिति को पीछे छोड़ते हुए निर्णायक कार्रवाई को प्राथमिकता दी है।
आर्थिक वृद्धि और महंगाई पर नियंत्रण
वित्त मंत्री ने बताया कि भारत की विकास यात्रा लगातार आर्थिक वृद्धि और नियंत्रित महंगाई से पहचानी गई है। वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत ने संतुलित आर्थिक प्रदर्शन किया है। नीतिगत फैसलों के जरिए मैक्रो-आर्थिक स्थिरता सुनिश्चित की गई है, जिससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा है और अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है।
मजबूत मैक्रो-इकोनॉमिक ढांचा
सीतारमण ने कहा कि सरकार के फैसलों से देश की मैक्रो-इकोनॉमिक स्थिति मजबूत हुई है। राजकोषीय अनुशासन, बेहतर कर संग्रह और खर्च की प्राथमिकताओं ने अर्थव्यवस्था को स्थिर आधार प्रदान किया है। उन्होंने यह भी कहा कि इन कदमों से भविष्य की चुनौतियों का सामना करने की क्षमता बढ़ी है।
भारत की आर्थिक दिशा पर भरोसा
यूनियन बजट 2026-27 पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, “भारत की आर्थिक दिशा स्थिरता से भरी हुई है।” उन्होंने भरोसा जताया कि सरकार की नीतियां आने वाले वर्षों में विकास को और गति देंगी। बजट का उद्देश्य समावेशी विकास, रोजगार सृजन और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को आगे बढ़ाना है।
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