West Bengal & Tamil Nadu Election 2026: पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में विधानसभा चुनावों से पहले चुनाव आयोग ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि EVM के बटनों पर इत्र, स्याही, गोंद या किसी भी प्रकार के रासायनिक पदार्थ का उपयोग करना छेड़छाड़ माना जाएगा और इसे गंभीर चुनावी अपराध की श्रेणी में रखा जाएगा। सभी मतदान केंद्रों पर पीठासीन अधिकारियों को मतदान से पहले और दौरान EVM मतपत्र इकाइयों का पूरी तरह से निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं।
चुनाव आयोग दोबारा करवा सकता है चुनाव
चुनाव आयोग ने निर्देश दिए हैं कि यदि EVM के साथ किसी भी प्रकार की शरारत या छेड़छाड़ का पता चलता है, तो पीठासीन अधिकारी तुरंत इसकी सूचना सेक्टर अधिकारी या रिटर्निंग ऑफिसर को दें। आयोग के एक अधिकारी के अनुसार ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी और जरूरत पड़ने पर प्रभावित बूथों पर दोबारा मतदान का आदेश भी दिया जा सकता है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि EVM से छेड़छाड़ एक गंभीर चुनावी अपराध है, जिसके लिए कड़े दंडात्मक प्रावधान लागू होंगे।
शिकायतों के चलते उठाए गए अहम कदम
चुनाव आयोग ने यह सख्त दिशानिर्देश पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जारी किए हैं। आयोग का कहना है कि हाल के वर्षों में कुछ स्थानों पर ऐसी शिकायतें सामने आई थीं, जिनमें राजनीतिक कार्यकर्ताओं द्वारा EVM के बटनों पर इत्र या अन्य पदार्थ लगाकर मतदान पैटर्न की पहचान करने की कोशिश की गई। इससे मतदाता की गोपनीयता प्रभावित होने की आशंका जताई गई है। कुछ मामलों में इंक और गोंद जैसी चीजों के इस्तेमाल के भी आरोप लगे थे, जिसके बाद आयोग ने इस तरह की गतिविधियों को गंभीरता से लेते हुए कड़े नियम लागू किए हैं।

