Rahul Gandhi DU statement: दिल्ली विश्वविद्यालय ने शुक्रवार को कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के उस दावे को खारिज किया जिसमें उन्होंने कहा था कि विश्वविद्यालय छात्रों को बाहर करने के लिए इंटरव्यू का इस्तेमाल करता है। विश्वविद्यालय ने अपने बयान में कहा कि इस तरह की टिप्पणी करने से पहले तथ्यों की जांच करना जरूरी था।
CUET स्कोर पर आधारित प्रवेश प्रक्रिया
दिल्ली विश्वविद्यालय ने अपने आधिकारिक बयान में बताया कि प्रवेश मुख्य रूप से कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (CUET) के अंकों पर आधारित होता है। अधिकांश स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में साक्षात्कार मानक प्रवेश प्रक्रिया का हिस्सा नहीं होते। विश्वविद्यालय ने यह स्पष्ट किया कि प्रवेश प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता के साथ योग्यता के आधार पर होती है।
साक्षात्कार और भर्ती प्रक्रिया
यदि राहुल गांधी का इशारा संकाय या शिक्षकों की भर्ती से था, तो विश्वविद्यालय ने बताया कि हाल ही में हजारों शिक्षकों की भर्ती सभी श्रेणियों में की गई है। विश्वविद्यालय ने कहा कि इस तरह की टिप्पणियों से प्रतिकूल वातावरण बनता है और इसलिए वे इस तरह के बयान का कड़ा विरोध करते हैं।
राहुल गांधी का बयान
राहुल गांधी ने शुक्रवार को लखनऊ में आयोजित ‘संविधान सम्मेलन’ में यह दावा किया कि दिल्ली विश्वविद्यालय में साक्षात्कार का इस्तेमाल जाति के आधार पर छात्रों को बाहर करने के लिए किया जाता है। उन्होंने कहा, “मैं दिल्ली विश्वविद्यालय गया था। साक्षात्कार छात्रों को छांटने का एक तरीका है। वे आपकी जाति पूछते हैं और फिर आप साक्षात्कार में असफल हो जाते हैं।”
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर भी निशाना
राहुल गांधी ने अपने बयान में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर भी आरोप लगाए और कहा कि पिछड़े वर्गों का आरएसएस के संगठनात्मक ढांचे में कोई प्रतिनिधित्व नहीं है। उन्होंने कहा, “आरएसएस संगठनों और उनके प्रचारकों की सूची निकालिए, केंद्र में आपको एक भी ओबीसी, एक भी दलित या एक भी आदिवासी नहीं मिलेगा। यह संविधान के बिल्कुल खिलाफ है।”
विश्वविद्यालय की सफाई
दिल्ली विश्वविद्यालय ने दोहराया कि विश्वविद्यालय में प्रवेश प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है और CUET स्कोर के आधार पर योग्यता के अनुसार छात्रों का चयन किया जाता है। विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया कि अधिकांश कार्यक्रमों के लिए साक्षात्कार प्रवेश प्रक्रिया का हिस्सा नहीं हैं।
दिल्ली विश्वविद्यालय की यह प्रतिक्रिया राहुल गांधी के आरोपों को सीधे खारिज करती है और यह स्पष्ट करती है कि विश्वविद्यालय में प्रवेश प्रक्रिया निष्पक्ष, पारदर्शी और योग्यता आधारित है। यह घटना शिक्षा संस्थानों में राजनीतिक आरोपों और विवादों के बीच पारदर्शिता बनाए रखने की आवश्यकता को भी उजागर करती है।

