Kuwait F-15 crash 2026: ईरान ने कुवैत में अमेरिकी एफ-15 लड़ाकू विमान मार गिराने का दावा किया था। इस दावे के बाद अमेरिका ने सेंट्रल कमांड के माध्यम से स्थिति स्पष्ट की है। अमेरिकी सेना ने स्वीकार किया कि कुवैत में तीन F-15E स्ट्राइक ईगल विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गए, लेकिन यह “फ्रेंडली फायर” यानी मित्रवत गोलीबारी की वजह से हुआ। दरअसल, गलती से कुवैती वायु रक्षा बलों ने अमेरिकी विमानों पर गोली चलाई।
अमेरिकी वायु सेना के अनुसार, 1 मार्च को पूर्वी समयानुसार रात 11:03 बजे ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के समर्थन में उड़ान भर रहे तीन F-15E विमान कुवैत में दुर्घटनाग्रस्त हो गए। यह घटना ईरानी हमलों के बीच हुई, जिसमें ईरानी विमानों, बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन शामिल थे। इस अभियान में पहली बार ईरान के पुराने लड़ाकू बेड़े को युद्ध में शामिल किया गया था।
सेंट्रल कमांड ने बताया कि सभी छह चालक दल के सदस्य सुरक्षित रूप से बाहर निकल आए और उनकी हालत स्थिर है। अमेरिकी सेना ने कुवैत सरकार के सहयोग और सुरक्षा प्रयासों की सराहना की। कमांड ने कहा, “कुवैती रक्षा बलों के प्रयासों और इस अभियान में उनके समर्थन के लिए हम आभारी हैं।”
फ्रेंडली फायर की वजह
अमेरिका का कहना है कि यह दुर्घटना शत्रु विमान या मिसाइल हमले के कारण नहीं हुई, बल्कि गलती से हुई मित्रवत गोलीबारी का परिणाम है। सक्रिय युद्ध के दौरान कुवैती वायु रक्षा बलों ने गलती से अमेरिकी विमानों को लक्ष्य मान लिया। इस घटना ने यह दिखाया कि युद्ध क्षेत्रों में उच्च सतर्कता और समन्वय की आवश्यकता कितनी महत्वपूर्ण होती है।
ईरानी हमलों का संदर्भ
ईरानी विमानों, मिसाइलों और ड्रोन हमलों का यह अभियान मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव का हिस्सा है। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते संघर्ष ने पूरे क्षेत्र में सुरक्षा जोखिम बढ़ा दिया है। अमेरिकी बयान में स्पष्ट किया गया है कि दुर्घटना का कारण केवल तकनीकी और मानव त्रुटि है, न कि ईरानी हमलों का प्रत्यक्ष प्रभाव।
चालक दल की सुरक्षा
घटना में सभी छह अमेरिकी पायलट सुरक्षित रहे और उन्हें तुरंत बचा लिया गया। उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। अमेरिकी सेना ने कहा कि इस घटना की जांच जारी है। जैसे ही अतिरिक्त जानकारी उपलब्ध होगी, उसे सार्वजनिक किया जाएगा। यह जांच इस बात का पता लगाएगी कि दुर्घटना कैसे हुई और भविष्य में इसे रोकने के लिए क्या उपाय किए जा सकते हैं।
अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा
यह दुर्घटना मध्य पूर्व में अमेरिकी और खाड़ी देशों की सुरक्षा व्यवस्था की संवेदनशीलता को उजागर करती है। मित्र देशों के बीच समन्वय की कमी और उच्च तनाव वाले युद्ध क्षेत्रों में छोटी गलती भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। अमेरिकी और कुवैती सेनाओं के बीच बेहतर संवाद और प्रशिक्षण की आवश्यकता को इस घटना ने रेखांकित किया है।

