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Union Budget 2026: आखिर क्यों पूरे देश की नजरें टिकी हैं यूनियन बजट पर, जानें क्या होंगे बड़े बदलाव

by | Jan 30, 2026 | News Latest, News Story

Union Budget 2026: देशभर की निगाहें इस समय यूनियन बजट 2026 पर टिकी हुई हैं। हर साल की तरह इस साल भी बजट को लेकर आम जनता, उद्योगपतियों, निवेशकों और अर्थशास्त्रियों में उत्सुकता चरम पर है। केवल आय और व्यय का लेखा-जोखा ही नहीं, बल्कि यह बजट देश की आर्थिक रणनीति का ब्लूप्रिंट भी माना जाता है। इसे देखकर यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि सरकार आने वाले वर्ष में किस दिशा में आर्थिक विकास को आगे बढ़ाने वाली है।

यूनियन बजट का महत्व केवल सरकारी खजाने की योजनाओं तक सीमित नहीं है। यह देश के विकास की प्राथमिकताओं, नई नीतियों, कर सुधारों और सामाजिक कल्याण कार्यक्रमों का संकेत देता है। यही वजह है कि बजट पेश होने से पहले ही बाजार, मीडिया और आम जनता इस पर कड़ी नजर रखते हैं।

भारतीय संविधान के अनुच्छेद 112 के अनुसार, सरकार को हर वित्तीय वर्ष की शुरुआत से पहले संसद में वार्षिक वित्तीय विवरण प्रस्तुत करना अनिवार्य है। इस वित्तीय विवरण में देश की अनुमानित आय, व्यय, कराधान नीतियों और निवेश योजनाओं का विवरण होता है। यह बजट हर साल 1 अप्रैल से नए वित्तीय वर्ष की दिशा तय करता है।

Budget 2026: क्या हैं इस बार की मुख्य उम्मीदें

विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार के बजट में कर सुधार, व्यापार प्रोत्साहन योजनाएं, रोजगार सृजन और डिजिटल अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने वाले कदमों पर ध्यान केंद्रित किया जा सकता है। इसके अलावा, किसान कल्याण, स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र के लिए नए फंडिंग मॉडल भी सामने आ सकते हैं।

बाजार विशेषज्ञों की राय है कि बजट 2026 में मध्यवर्ग और छोटे व्यवसायों के लिए राहत पैकेज पर भी जोर हो सकता है। इससे न केवल आम जनता की आर्थिक स्थिति सुधरेगी, बल्कि निवेश और उत्पादन में भी तेजी आएगी।

बजट का प्रभाव: आम आदमी से लेकर उद्योग तक

यूनियन बजट का असर केवल सरकारी योजनाओं तक सीमित नहीं रहता। यह स्टॉक मार्केट, मुद्रा बाजार और विदेशी निवेशकों के फैसलों को भी प्रभावित करता है। प्रत्येक वित्तीय वर्ष में बजट के बाद शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव देखा जाता है। निवेशक और व्यापारी यह आंकलन करते हैं कि बजट में पेश किए गए नए नियम उनकी कंपनी और उद्योग पर किस तरह असर डालेंगे।

साथ ही आम जनता भी बजट को लेकर बेहद संवेदनशील रहती है। कर छूट, नई सामाजिक योजनाओं और सब्सिडी की घोषणाएं सीधे उनके जीवन को प्रभावित करती हैं। इसलिए हर साल बजट पेश होने से पहले लोग अपने परिवार और व्यवसाय की योजनाओं को तैयार करते हैं।

सरकार की प्राथमिकताएं और रणनीति

आर्थिक विशेषज्ञ बताते हैं कि यूनियन बजट केवल खातों की गिनती नहीं, बल्कि सरकार की प्राथमिकताओं और रणनीति का प्रतिबिंब होता है। उदाहरण के लिए, यदि सरकार इन्फ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल इंडिया प्रोजेक्ट्स पर खर्च बढ़ाती है, तो इसका मतलब है कि अगले वर्ष में रोजगार सृजन और तकनीकी निवेश को प्राथमिकता दी जाएगी।

इसके अलावा, बजट के जरिए सरकार यह भी संकेत देती है कि कौन से क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा और कौन से क्षेत्रों में सुधार की जरूरत है। यह कंपनियों और उद्योगों के लिए आगे की रणनीति तय करने में मदद करता है।

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