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प्रधानमंत्री ने समझौता किया, फिर करेंगे सरेंडर…अमेरिकी टैरिफ विवाद पर कांग्रेस ने फिर से हमला किया तेज

India US trade deal: अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के वैश्विक टैरिफ को रद्द करने के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते में विश्वासघात करने का आरोप लगाया। राहुल गांधी ने कहा कि यह समझौता प्रधानमंत्री की हताशा और आत्मसमर्पण का प्रतीक बन गया है।

कांग्रेस ने उठाए मोदी की जल्दबाजी पर सवाल

कांग्रेस के मीडिया विभाग के प्रभारी जयराम रमेश ने कहा कि अगर मोदी ने अपनी नाजुक छवि बचाने के लिए जल्दबाजी न की होती और केवल 18 दिन और प्रतीक्षा करते, तो भारतीय किसानों और देश की संप्रभुता को नुकसान नहीं होता। रमेश ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की घोषणा तत्काल प्रभाव से की और 10 मई 2025 को ऑपरेशन सिंदूर रोकने का निर्देश दिया। रमेश ने X पर सवाल उठाया कि 2 फरवरी की रात मोदी को व्हाइट हाउस जाकर तत्काल घोषणा करने के लिए क्या मजबूर किया गया। उन्होंने कहा कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौता प्रधानमंत्री की जल्दबाजी और आत्मसमर्पण का परिणाम है।

अमेरिकी टैरिफ रद्द, नए टैरिफ दर 10%

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने अंतर्राष्ट्रीय आपातकालीन आर्थिक शक्तियां अधिनियम (IEEPA, 1977) के तहत राष्ट्रपति के टैरिफ लगाने के अधिकार को रद्द कर दिया। इसके बाद कांग्रेस महासचिव रणदीप सुरजेवाला ने सवाल उठाया कि क्या ये टैरिफ भारत के लिए टिकाऊ हैं और क्या नए टैरिफ अभी भी अमेरिका-भारत व्यापार समझौते को बनाए रख पाएंगे। ट्रंप ने कहा कि अब 150 दिनों के लिए आयातित वस्तुओं पर 10 प्रतिशत अस्थायी आयात अधिभार लगेगा, जिससे पहले 18 प्रतिशत थी।

कांग्रेस ने मोदी सरकार से राष्ट्रीय हित की सुरक्षा पर सवाल उठाए

सुरजेवाला ने पूछा कि क्या मोदी सरकार अब अमेरिका-भारत समझौते से बाहर निकलने का साहस दिखाएगी और देश की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करेगी। उन्होंने यह भी पूछा कि क्या सरकार कृषि सब्सिडी, GMO फसलों के आयात और डेटा सुरक्षा के मामलों में अपने राष्ट्रीय हित की रक्षा करेगी।

ट्रंप ने जताया भारत के साथ सकारात्मक रुख

राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि भारत के साथ उनके संबंध अच्छे हैं और समझौता “उचित” है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत ने रूस से तेल आयात सीमित किया और अमेरिकी ऊर्जा उत्पादों की खरीद बढ़ाई। ट्रंप ने दोहराया कि भारत को शुल्क देना होगा और समझौते में कोई बदलाव नहीं हुआ। कांग्रेस नेताओं ने अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले और समझौते को मोदी की जल्दबाजी और देश के हितों पर खतरा बताते हुए कड़ी आलोचना की है।

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