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एयर एम्बुलेंस उड़ाकर लोगों की जान बचाई, अब वो हमें छोड़कर चला गया, पायलट विवेक भगत के पिता पर टूटा दुखों का पहाड़

झारखंड के चतरा जिला में सोमवार रात रांची से दिल्ली जा रही एक एयर एम्बुलेंस क्रैश हो गई। इस दुखद हादसे में विमान में सवार सभी सात लोगों की जान चली गई। डीजीसीए के अनुसार, पायलट कैप्टन विवेक विकास भगत और अन्य यात्रियों की मौत हुई। यह दुर्घटना पूरे इलाके में शोक की लहर फैल गई।

पायलट के पिता ने व्यक्त किया शोक

हादसे के बाद पायलट कैप्टन विवेक विकास भगत के पिता डीएस भगत ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि उनका बेटा एयर एम्बुलेंस उड़ाकर लोगों की जान बचाने का काम करता था। उन्होंने कहा, “मेरे बेटे ने कई लोगों की जान बचाई, लेकिन आज वह अपनी जान गंवा बैठे।” पिता ने यह भी बताया कि दिल्ली पहुंचने पर विकास एक रिश्तेदार से रात का खाना खाने वाले थे। चाची ने उनके लिए खाना तैयार रखा था, लेकिन विकास कभी वहां नहीं पहुंच पाए।

मृतकों की पहचान

विमान में सवार सात लोगों की पहचान कैप्टन विवेक विकास भगत, कैप्टन सवराजदीप सिंह, संजय कुमार, डॉ. विकास कुमार गुप्ता, सचिन कुमार मिश्रा, अर्चना देवी, धुरु कुमार के रूप में हुई है। विमान दिल्ली स्थित रेडबर्ड एयरवेज प्राइवेट लिमिटेड द्वारा संचालित बीचक्राफ्ट सी90 (VT-AJEV) था। यह विमान शाम 7:11 बजे रांची से नई दिल्ली के लिए उड़ान भर चुका था और एक मरीज को राजधानी ले जा रहा था।

रडार संपर्क टूटना

उड़ान के दौरान विमान ने कोलकाता कंट्रोल से संपर्क किया। लेकिन शाम 7:34 बजे अचानक उसका संचार और रडार संपर्क टूट गया। यह घटना विमान दुर्घटना की गंभीरता को दर्शाती है।

आपातकालीन कार्रवाई

एसपी सुमित कुमार ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया कि उन्हें रात लगभग 10 बजे दुर्घटना की जानकारी मिली। उन्होंने कहा कि दुर्घटनास्थल कठिन और दुर्गम क्षेत्र में स्थित था, जिससे बचाव और जांच में चुनौती आई। दिल्ली की टीम जांच के लिए मौके पर पहुंची और ब्लैक बॉक्स बरामद करने का प्रयास कर रही है।

डीजीसीए और एएआईबी की प्रतिक्रिया

डीजीसीए ने इस घटना पर शोक व्यक्त किया और हादसे की जांच शुरू कर दी। विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) की टीम भी मौके पर है और ब्लैक बॉक्स बरामद कर दुर्घटना के वास्तविक कारण का पता लगाने में जुटी है।

यह हादसा न केवल एक हेल्थकेयर मिशन के दौरान हुआ त्रासदीपूर्ण दुर्घटना है, बल्कि यह एयर एम्बुलेंस और छोटे विमान सुरक्षा पर सवाल भी खड़े करता है। अधिकारियों का मानना है कि विस्तृत जांच रिपोर्ट आने के बाद ही इस दुर्घटना के पीछे के सभी कारण स्पष्ट हो पाएंगे।

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