Pakistan News: पाकिस्तानी के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने देश की आर्थिक बदहाली स्वीकार करते हुए कहा कि कर्ज मांगने से देश का सिर झुक गया है। उन्होंने माना कि आईएमएफ और मित्र देशों से वित्तीय मदद लेने के लिए पाकिस्तान को अपने आत्मसम्मान और नीतियों से समझौता करना पड़ा है।
प्रधानमंत्री शरीफ ने सार्वजनिक मंच से भावुक होते हुए कहा, “मैं आपको कैसे बताऊं कि हमने किन-किन दोस्त मुल्कों के दर पर जाकर कर्ज की दरखास्तें दीं उन मुल्कों ने हमें मायूस तो नहीं किया, लेकिन जो कर्ज लेने जाता है, उसका सिर हमेशा झुका रहता है।”
फेल रही शहबाज सरकार
वित्त वर्ष 2024-25 प्रधानमंत्री शरीफ का पहला पूर्ण कार्यकाल रहा। इस दौरान सरकार ने खर्च में कटौती के दावे किए, लेकिन नए विभागों का गठन हुआ, मंत्रिमंडल का विस्तार किया गया और सरकारी सुविधाओं पर खर्च बढ़ा। विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ता कर्ज और नियंत्रण से बाहर होता वित्तीय घाटा सरकार के वित्तीय अनुशासन के दावों को कमजोर करता है।
दिसंबर 2025 तक पाकिस्तान पर 52 बिलियन डॉलर का कर्ज
कर्ज का भयावह आंकड़ा पाकिस्तान न केवल आईएमएफ और विश्व बैंक का कर्जदार है, बल्कि वह चीन और सऊदी अरब से लिए गए भारी कर्ज के बोझ के तले दबा है। आंकड़ों के मुताबिक, दिसंबर 2025 तक पाकिस्तान का कुल विदेशी ऋण लगभग 52.366 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच चुका है।
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