Myanmar general elections: भारत के पड़ोसी देश म्यांमार में 5 साल बाद हुए आम चुनाव के अंतिम चरण के वोटिंग रविवार को संपन्न होने के बाद सेना समर्थित ‘यूनियन सॉलिडैरिटी एंड डेवलपमेंट पार्टी’ चुनाव में अपनी जीत का दावा किया है। इसके साथ ही देश में नई सरकार के गठन का रास्ता साफ हो गया है। मालूम हो कि 2021 में आंग सान सू ची की निर्वाचित सरकार से सत्ता छीनने के बाद से सैन्य शासन था और इस चुनाव में प्रमुख विपक्षी दलों को बाहर रखा गया था ।
आंग सान सू ची से छीन ली गई थी सत्ता
संसद की 25 प्रतिशत सीट स्वतः ही सेना के लिए आरक्षित थीं, जिससे सशस्त्र बलों और उनके पसंदीदा दलों का नियंत्रण प्रभावी रूप से सुनिश्चित हो गया। आलोचकों का कहना है कि सैन्य सरकार द्वारा आयोजित चुनाव न तो स्वतंत्र थे और न ही निष्पक्ष, बल्कि आंग सान सू ची की निर्वाचित सरकार से सत्ता छीनने के बाद सैन्य शासन को वैधता प्रदान करने का एक प्रयास था। इस तख्तापलट ने व्यापक विरोध को जन्म दिया, जिसने म्यामांर को गृहयुद्ध में धकेल दिया।
3 चरणों में हुआ चुनाव
चुनाव तीन चरणों में 28 दिसंबर, 11 जनवरी और 25 जनवरी को हुए। देश के कुल 330 नगरों में से 67 में से अधिकतर सशस्त्र विरोधी समूहों के नियंत्रण वाले क्षेत्र थे और यहां मतदान नहीं हुआ, जिससे 664 सदस्यीय राष्ट्रीय संसद में सीट की मूल संख्या घटकर 586 रह गई। राष्ट्रीय और क्षेत्रीय विधानसभाओं में 57 राजनीतिक दलों के 4,800 से अधिक उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा। हालांकि, केवल 6 दलों ने ही देशभर में चुनाव
अंतिम परिणाम अगले सप्ताह तक आने की उम्मीद
सभी सीट पर अंतिम परिणाम इस सप्ताह के अंत तक आने की उम्मीद है। चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद संसद के नए सदस्य और सैन्य नियुक्त प्रतिनिधि तीन उम्मीदवारों के नाम प्रस्तावित करेंगे और उनमें से एक को राष्ट्रपति के रूप में चुना जाएगा। बाकी दो उपराष्ट्रपति बनेंगे।
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