US Israel Iran airstrikes: अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर किए गए हवाई हमलों ने मध्य पूर्व में सुरक्षा की स्थिति को अत्यंत तनावपूर्ण बना दिया है। इस बीच बहरीन में स्थित अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े के मुख्यालय को मिसाइलों से निशाना बनाया गया। ईरान ने इस हमले का जवाब देने की कसम खाई है, जिससे क्षेत्र में बढ़ती अस्थिरता का संकेत मिलता है।
बहरीन में अमेरिकी अड्डे पर मिसाइल हमला
बहरीन के राष्ट्रीय संचार केंद्र ने बयान जारी कर बताया कि पांचवें बेड़े के सेवा केंद्र पर मिसाइल हमला हुआ। बयान में कहा गया, “हम बाद में विस्तृत जानकारी प्रदान करेंगे। इस हमले के बाद मनामा शहर में धुआं उठता देखा गया और आपातकालीन सायरन बजने लगे। मिसाइल हमले के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी।
अमेरिकी नौसेना ने जहाजों को सुरक्षित स्थान पर भेजा
उपग्रह चित्रों और रिपोर्टों के अनुसार, ईरान के साथ बढ़ते तनाव को देखते हुए अमेरिकी नौसेना ने बहरीन स्थित अपने अड्डे से पहले ही कई जहाजों को वापस बुला लिया था। इससे यह सुनिश्चित किया गया कि किसी भी तरह के संभावित नुकसान को कम किया जा सके।
क्षेत्रीय देशों में धमाकों की आवाजें
हमले के बाद न केवल बहरीन बल्कि रियाद, अबू धाबी और दोहा में भी धमाकों की आवाजें सुनी गईं। कतर ने भी पुष्टि की कि दो ईरानी मिसाइलों को रोकने में उनकी मिसाइल रक्षा प्रणाली सफल रही। हालांकि अल उदैद अड्डे पर वर्तमान में कोई अमेरिकी संपत्ति नहीं थी।
‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ ऑपरेशन
अमेरिका और इज़राइल ने ईरान पर इस हमले का नाम ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ रखा। इस हमले का उद्देश्य ईरान में सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के शासन में बदलाव लाना बताया गया। 86 वर्षीय खामेनेई के कार्यालयों के पास कई विस्फोट हुए, लेकिन उन्हें सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, “हथियार डाल दो या मौत का सामना करो।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ईरान पर यह कार्रवाई अमेरिकी नागरिकों की सुरक्षा के लिए आवश्यक थी।
ईरान की जवाबी कार्रवाई
हमलों के तुरंत बाद ईरान ने अपने हवाई क्षेत्र को बंद कर दिया और निर्णायक जवाब देने की कसम खाई। ईरानी विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा, “इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के सशस्त्र बल हमलावरों को निर्णायक जवाब देंगे। जिस तरह हम बातचीत के लिए तैयार थे, उसी तरह अब हम ईरानी राष्ट्र की रक्षा के लिए पहले से कहीं अधिक तैयार हैं।”
मध्य पूर्व में बढ़ता अस्थिर माहौल
इन घटनाओं के बाद मध्य पूर्व में सुरक्षा की स्थिति बेहद नाजुक हो गई है। अमेरिकी और इज़राइली हमलों, बहरीन में अमेरिकी अड्डे पर मिसाइल हमले और ईरान की जवाबी कार्रवाई ने क्षेत्र में तनाव और बढ़ा दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि यह संघर्ष लंबा चलता है, तो यह वैश्विक तेल व्यापार, ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा पर भी असर डाल सकता है।
अमेरिका और इजराइल के हमलों के बाद बहरीन, कतर और ईरान में सुरक्षा संकट ने मध्य पूर्व में नई अस्थिरता पैदा कर दी है। वर्तमान स्थिति ने स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी गलत कदम से व्यापक सैन्य टकराव का खतरा मंडरा रहा है।

