Ind vs SA: टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर-8 चरण में भारत राष्ट्रीय क्रिकेट टीम को दक्षिण अफ्रीका राष्ट्रीय क्रिकेट टीम के खिलाफ 76 रनों से बड़ी शिकस्त झेलनी पड़ी। यह इस टूर्नामेंट में टीम इंडिया की पहली हार रही। साथ ही विश्व कप में लगातार 12 मुकाबले जीतने का सिलसिला भी यहीं थम गया। मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 7 विकेट पर 187 रन बनाए, जबकि भारत की पूरी टीम 18.5 ओवर में 111 रन पर सिमट गई।
आपको बता दें कि 2023 के विश्वकप फाइनल में टीम इंडिया को इसी मैदान पर हार का सामना करना पड़ा था और एकदिवसीय विश्वकप का तीसरी बार खिताब जीतने का सपना टूट गया था। उस समय मेन इन ब्लू के सामने ऑस्ट्रेलियाई टीम थी।
दक्षिण अफ्रीका की खराब शुरुआत के बाद संभली पारी
टॉस जीतकर बल्लेबाजी करने उतरी दक्षिण अफ्रीकी टीम की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। कप्तान एडन मार्करम केवल 4 रन बनाकर आउट हो गए, जबकि क्विंटन डी कॉक 6 और रेयान रिकेलटन 7 रन ही बना सके। शुरुआती झटकों के बाद टीम दबाव में थी, लेकिन चौथे विकेट के लिए डेविड मिलर और डेवाल्ड ब्रेविस ने जिम्मेदारी संभाली।
मिलर और ब्रेविस की मैच बदलने वाली साझेदारी
डेविड मिलर और डेवाल्ड ब्रेविस ने मिलकर पारी को मजबूती दी। दोनों के बीच 50 गेंदों में 97 रनों की अहम साझेदारी हुई, जिसने मैच का रुख बदल दिया। ब्रेविस ने 29 गेंदों में 45 रन बनाते हुए तीन चौके और तीन छक्के लगाए। वहीं मिलर ने आक्रामक अंदाज में 35 गेंदों पर 63 रन ठोके, जिसमें सात चौके और तीन छक्के शामिल रहे।
आखिरी ओवरों में ट्रिस्टन स्टब्स ने भी तेजी दिखाई और 24 गेंदों में नाबाद 44 रन बनाए। इन पारियों के दम पर दक्षिण अफ्रीका 187 रन तक पहुंचने में सफल रहा। भारत की ओर से जसप्रीत बुमराह ने 3 विकेट लेकर सबसे सफल गेंदबाज रहे, जबकि अर्शदीप सिंह ने 2 विकेट झटके।
लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत की खराब शुरुआत
188 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत बेहद निराशाजनक रही। ईशान किशन बिना खाता खोले पवेलियन लौट गए। अभिषेक शर्मा ने 12 गेंदों में 15 रन बनाए, जबकि तिलक ने सिर्फ 1 रन जोड़ा। लगातार विकेट गिरने से टीम दबाव में आ गई।
मध्यक्रम भी नहीं दिला सका मजबूती
कप्तान सूर्यकुमार यादव से बड़ी पारी की उम्मीद थी, लेकिन वह 22 गेंदों में 18 रन ही बना सके। वॉशिंगटन सुंदर ने 11 और हार्दिक पांड्या ने 18 रन का योगदान दिया, मगर कोई भी बल्लेबाज लंबी पारी नहीं खेल सका।
एक छोर से शिवम दुबे ने संघर्ष जरूर किया। उन्होंने 37 गेंदों में 42 रन बनाए और टीम को संभालने की कोशिश की, लेकिन दूसरे छोर से सहयोग नहीं मिलने के कारण भारत की पूरी टीम 18.5 ओवर में 111 रन पर ढेर हो गई।

