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भागकर शादी करने वालों के लिए गुजरात में सख्त नियम प्रस्तावित, माता-पिता को मिलेगी ऑफिशियल सूचना

Gujarat Registration of Marriages Act: गुजरात अपने मैरिज रजिस्ट्रेशन सिस्टम में बड़े बदलाव करने जा रहा है। राज्य सरकार ने प्रस्तावित नियमों में माता-पिता को हर शादी की जानकारी देना अनिवार्य करने का कदम रखा है। यह खासकर उन मामलों के लिए है जहाँ जोड़े बिना किसी सूचना के भागकर शादी करते हैं। यह जानकारी डिप्टी चीफ मिनिस्टर हर्ष सांघवी ने राज्य विधानसभा में शुक्रवार को दी।

लव मैरिज पर नहीं रोक

सांघवी ने स्पष्ट किया कि सरकार का मकसद असली प्यार को रोकना नहीं है। “प्यार पर कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन अगर कोई सलीम सुरेश बनकर किसी लड़की को फंसाता है, तो हम उन्हें छोड़ेंगे नहीं,” उन्होंने कहा। प्रस्तावित नियमों के तहत, हर शादी रजिस्ट्रेशन एप्लीकेशन असिस्टेंट रजिस्ट्रार को जमा करना होगा, साथ में एक डिक्लेरेशन जिसमें यह बताना होगा कि दूल्हा-दुल्हन ने अपने माता-पिता को शादी के बारे में बताया है या नहीं।

प्रस्तावित बदलाव के मुख्य बिंदु

दूल्हा-दुल्हन को अपने माता-पिता के नाम, पते, आधार और संपर्क विवरण आवेदन में देना होंगे।
असिस्टेंट रजिस्ट्रार संतुष्ट होने पर 10 कार्य दिवसों के अंदर माता-पिता को नोटिफिकेशन भेजेंगे।
रजिस्ट्रार इन डिटेल्स को एक सरकारी ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करेंगे।
शादी का रजिस्ट्रेशन 30 दिन के बाद पूरा होगा, मैरिज सर्टिफिकेट आवेदन की तारीख से 40 दिनों के भीतर जारी होगा।
आवेदन के साथ आधार कार्ड, बर्थ सर्टिफिकेट, स्कूल छोड़ने के सर्टिफिकेट, फोटो और शादी का इनविटेशन कार्ड जमा करना होगा।
दोनों पक्षों के गवाहों की फोटो और आधार डिटेल्स भी आवश्यक होंगी।
रजिस्ट्रेशन लोअर-लेवल रेवेन्यू ऑफिस से सरकारी कोर्ट में शिफ्ट होगा।

कानूनी ढांचा और प्रभाव

यह बदलाव गुजरात रजिस्ट्रेशन ऑफ़ मैरिजेज़ एक्ट, 2006 में प्रस्तावित हैं। यह कानून सभी धर्मों में शादियों के रजिस्ट्रेशन पर लागू होता है। ध्यान देने वाली बात है कि यह बदलाव सिर्फ रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया (पेपरवर्क, नोटिस, डेडलाइन) को नियंत्रित करता है, पर्सनल लॉ के तहत शादी की वैधता को नहीं।

सरकारी सुरक्षा तंत्र

सांघवी ने कहा कि बदलाव महिलाओं के लिए सुरक्षा तंत्र के रूप में काम करेगा। इससे पहचान छिपाने, जबरदस्ती और धोखे से शादी करने जैसी घटनाओं पर रोक लगेगी। उन्होंने कहा कि राज्य में लव जिहाद या दहेज, प्रॉपर्टी मामलों में महिलाओं को परेशान करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।

सार्वजनिक प्रतिक्रिया और समर्थन

बनासकांठा की सांसद और सीनियर कांग्रेस नेता गेनीबेन ठाकोर ने प्रस्तावित बदलावों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि यह समय की जरूरत है और लव मैरिज के नाम पर धोखाधड़ी और शोषण रोकने का सकारात्मक कदम है। ठाकोर ने बताया कि यह पहल समुदाय और जनता की मांग पर आधारित है।

हर शादी के रजिस्ट्रेशन

गुजरात राज्य अब देश का पहला ऐसा राज्य बनने की ओर बढ़ रहा है, जहाँ हर शादी के रजिस्ट्रेशन में माता-पिता को सरकारी नोटिफिकेशन देना अनिवार्य होगा। यह बदलाव, अगर फाइनल होकर लागू हुआ, तो राज्य में शादी प्रक्रिया में पारदर्शिता और सुरक्षा दोनों सुनिश्चित करेगा।

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