World Economic Forum: स्विट्जरलैंड के दावोस में चल रहे विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) में पूरी दुनिया से दिग्गज नेता शामिल हो रहे हैं। इस मंच पर ग्रीनलैंड को लेकर यूरोपीय देशों और अमेरिका में तनातनी दिख रही है। इस दौरान फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने अमेरिका के ग्रीनलैंड पर दिए गए बयानों पर उसकी कड़ी आलोचना की।
मैक्रों ने कहा- दादागिरी नहीं कानून पसंद है
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा कि यूरोपियन यूनियन को सबसे ताकतवर के आगे नहीं झुकना चाहिए और यह पागलपन है कि यूनियन को अमेरिका के खिलाफ अपने जबरदस्ती रोकने वाले हथियार का इस्तेमाल करने के बारे में सोचना पड़ रहा है। उन्होंने कहा, “हमारा मानना है कि हमें ज्यादा विकास और स्थिरता की जरूरत है, लेकिन हम दादागिरी करने वालों के बजाय सम्मान ज्यादा पसंद करते हैं। हम क्रूरता के बजाय कानून के शासन को ज्यादा पसंद करते हैं।”
कनाडा PM ने कहा- यूएस की लीडरशिप वाली व्यवस्था खत्म
कनाडा के प्रधानमंत्री कार्नी ने ट्रंप पर सबसे तीखा हमला बोलते हुए कहा कि अमेरिका के नेतृत्व वाली वैश्विक व्यवस्था का युग समाप्त हो गया है। उन्होंने कहा, “मैं सीधे-सीधे कहना चाहता हूं कि हम बदलाव के दौर से नहीं, बल्कि टूटने के दौर से गुजर रहे हैं। पुरानी व्यवस्था वापस नहीं आने वाली है। महाशक्तियां अब उसी आर्थिक एकीकरण को हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रही हैं, जिसने कभी साझा समृद्धि का वादा किया था।”
बेल्जियम PM ने कहा- पीछे हटे, तो इज्जत खो देंगे
बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर ने कहा कि यूरोपीय आयोग एक चौराहे पर है, जहां उसे यह तय करना होगा कि ट्रंप को खुश करने की कोशिश के बाद बुरी स्थिति से कैसे बाहर निकला जाए। उन्होंने कहा ग्रीनलैंड पर अगर यूरोप एकता नहीं दिखाता है तो समझ जाए कि उसने विश्व में अपना सम्मान खो दिया।
ग्रीनलैंड विवाद क्या है?
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ग्रीनलैंड को अमेरिका का हिस्सा बनाना चाहते हैं। उनका कहना है कि ये अमेरिका की सुरक्षा और खनिज संसाधनों की मौजूदगी और रूस-चीन नियंत्रण के नजरिए से जरूरी है। वहीं, यूरोपीय देश इसका विरोध कर रहे हैं।
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