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दिल्ली पुलिस vs हिमाचल पुलिस! हाईवोल्टेज टकराव ने प्रशासन पर खड़े किए सवाल, क्या इसके पीछे है कोई राजनैतिक चाल?

Delhi-Himachal Police Controversy: दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल टीम द्वारा तीन आरोपियों को दिल्ली ले जाने के प्रयास के दौरान हिमाचल पुलिस के साथ देर रात तक तकराव और हाईवोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। मामला तब बिगड़ा जब ट्रांजिट रिमांड के बाद दिल्ली पुलिस टीम आरोपियों और जब्त की गई सामग्री को लेकर आगे बढ़ी, लेकिन शिमला पुलिस ने शोघी बैरियर के पास उन्हें रोक लिया।

विवाद और कानूनी झड़प

दोनों राज्यों की पुलिस के बीच तनाव उस समय बढ़ गया जब हिमाचल पुलिस ने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस ने बिना उचित दस्तावेज़ और रसीद के रिसॉर्ट का CCTV DVR जब्त किया। शिमला पुलिस का दावा है कि 15-20 सादे कपड़ों में लोग कथित तौर पर किडनैपिंग की घटना में शामिल थे और तीनों यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं को जबरदस्ती ले जाया गया। दिल्ली पुलिस ने जवाब में कहा कि आरोपियों को स्थानीय मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाएगा और सभी कार्रवाई पूरी कानूनी प्रक्रिया के तहत की जा रही है।

20 घंटे का ड्रामा

करीब 20 घंटे तक चली बहस और कानूनी औपचारिकताओं के बाद दिल्ली पुलिस को हिमाचल पुलिस के सामने झुकना पड़ा। इसके बाद शिमला पुलिस ने:

सभी डिटेन किए गए वाहन छोड़े
जब्त दस्तावेज (सीज़र मेमो) सौंपे
गिरफ्तार आरोपियों और डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर (DVR) के साथ दिल्ली पुलिस को रवाना किया

शिमला पुलिस का आरोप

हिमाचल पुलिस ने दिल्ली पुलिस पर आरोप लगाया कि आरोपियों को जबरदस्ती दिल्ली ले जाने की कोशिश की गई। इसके अलावा, सोलन के रिसॉर्ट से DVR बिना किसी रसीद के जब्त किया गया, जो गंभीर सवाल खड़ा करता है।

दिल्ली पुलिस की प्रतिक्रिया

दिल्ली पुलिस की टीम, जिसमें एसीपी राहुल विक्रम और अन्य अधिकारी शामिल थे, ने कहा कि मामला पहले ही 20 फरवरी को दर्ज किया गया था। आरोपियों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए दिल्ली ले जाना आवश्यक था।

मेडिकल और सुरक्षा

शिमला पुलिस ने दिल्ली पुलिस के जवानों को डीडीयू हॉस्पिटल में मेडिकल कराने के लिए ले जाया। इसके बाद जवानों और आरोपियों को पूरी सुरक्षा व्यवस्था के साथ दिल्ली के लिए रवाना किया गया।

अदालत में मामला

शिमला जिला अदालत में हिमाचल पुलिस ने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई को गलत ठहराया और सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप में एप्लिकेशन दायर किया। इसके साथ ही दोनों पक्षों के बीच विवाद अभी भी कानूनी प्रक्रियाओं के तहत हल किया जा रहा है।

शिमला में हुए इस हाईवोल्टेज ऑपरेशन में दोनों राज्यों की पुलिस के बीच टकराव और कानूनी जटिलताएं सामने आईं। आखिरकार हिमाचल पुलिस की कड़ी प्रतिक्रिया और कानूनी औपचारिकताओं के बाद मामला सुलझा, लेकिन इस घटना ने प्रशासन और पुलिस कार्रवाई के समीक्षा और सुरक्षा प्रोटोकॉल पर कई सवाल खड़े कर दिए।

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