प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को दो दिवसीय दौरे पर असम पहुंचे। आगामी विधानसभा चुनावों से पहले यह दौरा राजनीतिक और विकासात्मक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस दौरान प्रधानमंत्री ने राज्य में 19,480 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। उन्होंने कोकराझार और गुवाहाटी में आयोजित जनसभाओं को संबोधित किया।
गुवाहाटी हवाई अड्डे पर उनका स्वागत राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य, मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा, मंत्रिमंडल के सदस्यों और वरिष्ठ अधिकारियों ने किया। मुख्यमंत्री सरमा ने सोशल मीडिया पर कहा कि प्रधानमंत्री की यह यात्रा राज्य में लगभग 47,703 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की शुरुआत का मार्ग प्रशस्त करेगी।
विकास परियोजनाओं की सौगात
कोकराझार में आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं की घोषणा की। उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र के विकास के लिए 4,500 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया गया है। इनमें से करीब 1,100 करोड़ रुपये बोडोलैंड क्षेत्र में सड़क निर्माण और संपर्क व्यवस्था को मजबूत करने पर खर्च किए जाएंगे।
प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘असम माला’ पहल के तीसरे चरण से राज्य के विभिन्न हिस्सों के बीच सड़क संपर्क और बेहतर होगा। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कामाख्या-चार्लापल्ली अमृत भारत एक्सप्रेस और गुवाहाटी–न्यू जलपाईगुड़ी एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। प्रधानमंत्री के अनुसार इन परियोजनाओं से क्षेत्र में बुनियादी ढांचा मजबूत होगा और व्यापार, पर्यटन तथा स्थानीय अर्थव्यवस्था को नया प्रोत्साहन मिलेगा।
एनडीए सरकार के विकास मॉडल पर जोर
सभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि केंद्र और राज्य में एनडीए की डबल इंजन सरकार असम के विकास और उसकी सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि कोकराझार और आसपास के क्षेत्रों ने पिछले कई दशकों में कठिन परिस्थितियों का सामना किया है, लेकिन अब बोडोलैंड शांति और विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि असम आज शांति और प्रगति का एक नया अध्याय लिख रहा है और राज्य में बुनियादी ढांचे से लेकर सामाजिक विकास तक कई क्षेत्रों में तेजी से परिवर्तन देखने को मिल रहा है।
कांग्रेस पर तीखा हमला
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण के दौरान कांग्रेस पर कड़ा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने वर्षों तक बोडोलैंड के लोगों को झूठे वादों में उलझाए रखा और क्षेत्र के विकास की अनदेखी की।
प्रधानमंत्री ने कहा कि जब लोगों ने कांग्रेस को सत्ता से हटाकर भाजपा-एनडीए को मौका दिया, तब सरकार ने ईमानदारी से क्षेत्र के विकास के लिए काम शुरू किया। उन्होंने बोडो शांति समझौते का उल्लेख करते हुए कहा कि इस समझौते ने पहली बार विभिन्न संगठनों और समूहों को एक मंच पर लाकर स्थायी शांति का मार्ग प्रशस्त किया।
घुसपैठ के मुद्दे पर भी आरोप
प्रधानमंत्री ने कांग्रेस पर असम में घुसपैठियों को समर्थन देने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासन के दौरान आदिवासियों की जमीन पर अवैध कब्जे की समस्या बढ़ी। उनके अनुसार कई क्षेत्रों में स्थानीय निवासियों को उनकी जमीन से जुड़े कानूनी दस्तावेज तक नहीं दिए गए। प्रधानमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व में राज्य सरकार अवैध रूप से कब्जाई गई जमीन को वापस लेने के लिए व्यापक अभियान चला रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि असम की सुरक्षा और सामाजिक संतुलन बनाए रखने के लिए “रोटी, बेटी और जमीन” की सुरक्षा जरूरी है। प्रधानमंत्री के अनुसार एनडीए सरकार इन तीनों पहलुओं की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री के इस दौरे को आगामी चुनावों से पहले असम में राजनीतिक माहौल को मजबूत करने के प्रयास के रूप में भी देखा जा रहा है।

