Budget 2026: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में यूनियन बजट 2026-27 पेश करते हुए देश के आर्थिक विकास, बुनियादी ढांचे और युवाओं पर फोकस रखने की रणनीति का विस्तार किया। बजट में सार्वजनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, शिक्षा, स्वास्थ्य, हाई-स्पीड रेल और विनिर्माण सेक्टर पर जोर दिया गया है। वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार की प्राथमिकता दीर्घकालिक सुधार और आम नागरिकों के कल्याण पर रही है।
छोटे और मझौले शहरों में बुनियादी ढांचे का विकास
निर्मला सीतारमण ने कहा कि सरकार 5 लाख से अधिक आबादी वाले टियर II और टियर III शहरों में इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट पर ध्यान केंद्रित करेगी। ये शहर अब ग्रोथ सेंटर बन चुके हैं और उन्हें विकसित करने के लिए विशेष पहल की जाएगी। सड़कों, जल आपूर्ति, स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट्स और सार्वजनिक परिवहन जैसी योजनाओं को गति दी जाएगी। वित्त मंत्री के अनुसार, यह कदम इन शहरों को आर्थिक गतिविधियों का केंद्र बनाने के लिए महत्वपूर्ण है।
कृषि और पशुपालन क्षेत्र के लिए राहत
कृषि और पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए बजट में किसानों के लिए कई ऐलान किए गए हैं। वित्त मंत्री ने कहा कि पशुपालन के लिए लोन उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि ग्रामीण अर्थव्यवस्था सशक्त बने। इसके अलावा काजू और कोको उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए समर्पित योजनाएं पेश की गई हैं। चंदन की लकड़ी की गुणवत्ता और व्यापारिक मूल्य बढ़ाने के लिए भी सहायता देने की घोषणा हुई।
शिक्षा और महिला सशक्तिकरण
बजट में युवाओं और महिलाओं के विकास पर भी ध्यान दिया गया है। वित्त मंत्री ने कहा कि हर जिले में गर्ल्स हॉस्टल बनाए जाएंगे, जिससे छात्राओं को सुरक्षित और सुलभ आवास मिलेगा। इसके अलावा देश में 3 नए एम्स (AIIMS) बनाने की घोषणा भी की गई है। यह कदम शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
प्रमुख सेक्टरों में निवेश और प्रोत्साहन
बजट में कई सेक्टरों में विस्तार और निवेश पर जोर दिया गया है:
EMS PLI स्कीम का बजट ₹40,000 करोड़ तक बढ़ाया गया।
रेयर अर्थ मिनरल्स के लिए विशेष कॉरिडोर बनाने की योजना।
सेमीकंडक्टर सेक्टर में क्षमता बढ़ाने और सप्लाई चेन मजबूत करने पर फोकस।
सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 की घोषणा।
कैंसर, डायबिटीज और ऑटोइम्यून दवाओं की कीमत कम करने की पहल।
ग्लोबल बायोफार्मा सेंटर बनाने की योजना।
रणनीतिक और अग्रणी क्षेत्रों में विनिर्माण क्षमता का विस्तार।
हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर
देश में परिवहन नेटवर्क को मजबूत करने के लिए 7 नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बनाने का ऐलान किया गया। इसमें मुंबई-पुणे हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर भी शामिल है। पुराने रेल कॉरिडोर को हाई-स्पीड में बदलने की तैयारी चल रही है, ताकि वंदे भारत जैसी ट्रेनें और तेज़ गति से चल सकें। वित्त मंत्री ने कहा कि यह कदम देश में आर्थिक गतिविधियों और लोगों की यात्रा को आसान बनाने में मदद करेगा।
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