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दिल्ली शराब मामले में बरी होने के बाद हनुमान मंदिर पहुंचे अरविंद केजरीवाल, जानें क्या मांगा

Delhi excise policy verdict: आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने शनिवार, 28 फरवरी को दिल्ली स्थित हनुमान मंदिर में पूजा-अर्चना की। उनके साथ पार्टी के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया, संजय सिंह और दुर्गेश पाठक भी मौजूद रहे। यह धार्मिक कार्यक्रम उस दिन हुआ जब राउज़ एवेन्यू कोर्ट ने दिल्ली की 2021-22 की आबकारी नीति से जुड़े मामले में बड़ा फैसला सुनाया।

आबकारी नीति मामले में बड़ी राहत

अदालत ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की ओर से लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों में केजरीवाल, सिसोदिया और 21 अन्य आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया। जांच एजेंसी का आरोप था कि नई आबकारी नीति के तहत कुछ चुनिंदा शराब लाइसेंसधारकों को अनुचित लाभ पहुंचाया गया। इसमें कथित रूप से लाइसेंस शुल्क में कमी, लाभांश में बदलाव और रिश्वत के जरिए विशेष फायदे दिए जाने की बात कही गई थी, जिससे सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचा।

यह मामला 2022 में दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना की शिकायत के बाद शुरू हुआ था। आरोप था कि निविदा प्रक्रिया के बाद नीति में ऐसी खामियां छोड़ी गईं, जिनका लाभ कुछ खास समूहों को पहुंचाया गया।

अदालत की सीबीआई पर सख्त टिप्पणी

राउज़ एवेन्यू कोर्ट ने अपने फैसले में सीबीआई की जांच प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए। अदालत ने कहा कि एजेंसी की कहानी ठोस और स्वीकार्य साक्ष्यों पर आधारित नहीं थी। गवाहों के बयानों में भी स्पष्टता और विश्वसनीयता की कमी बताई गई। न्यायालय ने जांच अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के निर्देश भी दिए।

फैसले के बाद संजय सिंह की पत्नी ने इसे आम आदमी पार्टी के लिए “ऐतिहासिक दिन” करार दिया और कहा कि न्याय की जीत हुई है। पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने इस निर्णय का स्वागत किया और इसे राजनीतिक साजिश के खिलाफ जीत बताया।

केजरीवाल की राजनीतिक चुनौती

फैसले से पहले एक प्रेस वार्ता में अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चुनौती देते हुए कहा था कि यदि भारतीय जनता पार्टी दिल्ली में दोबारा चुनाव कराती है और 10 से अधिक सीटें जीतती है, तो वे राजनीति छोड़ देंगे। इस बयान ने राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया।

बीेजेपी की प्रतिक्रिया

भारतीय जनता पार्टी की ओर से राज्यसभा सांसद गुलाम अली खटाना ने केजरीवाल के बयान को राजनीतिक प्रासंगिकता बनाए रखने की कोशिश बताया। वहीं बार काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा ने कहा कि अदालत का फैसला अंतिम नहीं है। सीबीआई ने इस आदेश को चुनौती देते हुए दिल्ली हाईकोर्ट में अपील दायर कर दी है। इससे साफ है कि कानूनी लड़ाई अभी समाप्त नहीं हुई है।

राजनीतिक और कानूनी असर

हालांकि अदालत ने आरोपियों को राहत दी है, लेकिन मामला पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। अपील की प्रक्रिया आगे बढ़ने से राजनीतिक और कानूनी बहस जारी रहने की संभावना है। आम आदमी पार्टी ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध का परिणाम बताया है, जबकि भाजपा का कहना है कि न्यायिक प्रक्रिया को पूरा होने दिया जाना चाहिए।

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