LPG supply India: केंद्र सरकार ने शनिवार को बताया कि भारत की ओर जा रहे 92,700 मीट्रिक टन एलपीजी ले जाने वाले दो जहाज शिवालिक और नंदा देवी ईरान के तट से दूर स्थित होर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित रूप से पार कर चुके हैं। दोनों जहाज अब भारत की ओर बढ़ रहे हैं और 16-17 मार्च तक मुंद्रा और कांडला बंदरगाहों पर पहुंचने की संभावना है।
जहाजरानी मंत्रालय ने स्थिति की जानकारी दी
प्रेस कॉन्फ्रेंस में जहाजरानी मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिंह ने बताया कि फारस की खाड़ी क्षेत्र में भारतीय नाविक सुरक्षित हैं और पिछले 24 घंटों में कोई अप्रिय घटना सामने नहीं आई। उन्होंने कहा कि वर्तमान में फारस की खाड़ी में कुल 22 भारतीय ध्वज वाले जहाज हैं, जिनमें 611 नाविक सवार हैं।
सिंह ने यह भी बताया कि भारतीय चालक दल की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मंत्रालय ने जहाज मालिकों, आरपीएसएन एजेंसियों और भारतीय राजनयिक मिशनों के साथ घनिष्ठ समन्वय किया हुआ है। उन्होंने बताया कि डीजी शिपिंग के संचार केंद्र (डीजी कॉम) ने पिछले 24 घंटों में 312 फोन कॉल और 460 ईमेल प्राप्त किए, जिनका तुरंत उत्तर दिया गया। पिछले 15 दिनों में कुल 2,500 से अधिक फोन कॉल और लगभग 5,000 ईमेल प्राप्त हुए, जिनमें से सभी का विधिवत जवाब दिया गया।
एलपीजी आपूर्ति पर केंद्र की स्थिति
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने बताया कि पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण एलपीजी आपूर्ति एक चिंता का विषय बनी हुई है। उन्होंने कहा कि किसी भी वितरण केंद्र पर अभी तक स्टॉक की कमी की रिपोर्ट नहीं आई है।
साथ ही, उन्होंने लोगों की घबराहट में बुकिंग बढ़ने का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि एलपीजी बुकिंग में तेजी आई है और यह प्रतिदिन लगभग 80 लाख बुकिंग तक पहुंच चुकी है। उन्होंने कहा, “कल साझा आंकड़ों के अनुसार बुकिंग लगभग 7.5 से 7.6 मिलियन थी, जो अब लगभग 8.8 मिलियन तक बढ़ गई है।”
एलपीजी आपूर्ति और लोगों में चिंता
सुजाता शर्मा ने स्पष्ट किया कि मौजूदा भू-राजनीतिक स्थिति को देखते हुए एलपीजी आपूर्ति पर नजर रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार आपूर्ति श्रृंखला की स्थिति पर ध्यान दे रही है और सभी वितरण केंद्रों पर पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। उन्होंने लोगों से घबराहट में एलपीजी की बुकिंग बढ़ाने से बचने की अपील भी की।
निवारक उपाय और सुरक्षा
मंत्रालय ने यह सुनिश्चित किया है कि भारत की ओर आने वाले एलपीजी पोतों के साथ सभी सुरक्षा उपाय लागू हैं। जहाजों के चालक दल की सुरक्षा के लिए लगातार निगरानी की जा रही है और किसी भी आपात स्थिति के लिए तुरंत प्रतिक्रिया तैयार है। इस प्रकार सरकार ने यह संदेश दिया कि एलपीजी आपूर्ति सामान्य है और देश में किसी भी प्रकार की कमी नहीं है।

